भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की सीनियर पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष पद के लिए आवेदन किया है। बीसीसीआई द्वारा अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने के फैसले के बाद यह पद खाली हुआ है। जाफर ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में अपने आवेदन की पुष्टि करते हुए कहा, 'हां, मैंने इस पद के लिए आवेदन किया है।'
जाफर का करियर
48 वर्षीय वसीम जाफर ने भारत के लिए 31 टेस्ट मैच खेले हैं और करीब 2000 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से पांच शतक निकले। उनके टेस्ट शतकों में वेस्टइंडीज के खिलाफ दोहरा शतक और दक्षिण अफ्रीका में लगाया गया शतक भी शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने कोलकाता में पाकिस्तान के खिलाफ भी दोहरा शतक जड़ा था।
चयन समिति के अध्यक्ष बनने की दौड़ में जाफर को मिल सकता है फायदा
अगर क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) वसीम जाफर के नाम पर मुहर लगाती है, तो टेस्ट मैचों में उनके अनुभव के आधार पर उन्हें चयन समिति का अध्यक्ष बनने का मौका मिल सकता है। क्रिकेट सलाहकार समिति में अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल हैं। मौजूदा चयन प्रक्रिया के तहत, जिस क्षेत्र के चयनकर्ता ने सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले होते हैं, उसे चयन समिति का अध्यक्ष बनने का पात्र माना जाता है। इस लिहाज से जाफर के नाम पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने भारत के लिए 31 टेस्ट खेले हैं, जबकि इस पद के दावेदारों में शामिल प्रज्ञान ओझा ने 24 टेस्ट मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया है।
प्रज्ञान ओझा को बरकरार रखने के पक्ष में बीसीसीआई?
रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई के भीतर प्रज्ञान ओझा को चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में बरकरार रखने के लिए भी समर्थन मौजूद है। इस स्थिति में नई चयन समिति के गठन पर इसका असर पड़ सकता है। वहीं, पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार भी चयन समिति में जगह पाने की दौड़ में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने भारत के लिए दो टेस्ट मैच खेले हैं और पश्चिम क्षेत्र से समिति में शामिल किए जाने की संभावना पर विचार हो सकता है।
सीएसी के फैसले पर टिकी निगाहें
अजीत अगरकर के स्थान पर नए चयनकर्ता की नियुक्ति को लेकर अंतिम फैसला क्रिकेट सलाहकार समिति के आकलन और बीसीसीआई की प्राथमिकताओं के आधार पर होगा। अब देखना होगा कि बोर्ड वसीम जाफर के अनुभव को तरजीह देता है या प्रज्ञान ओझा को अध्यक्ष पद पर बनाए रखने का फैसला करता है। चयन समिति के नए पैनल की अंतिम तस्वीर आने वाले दिनों में साफ हो सकती है।