इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में मिली हार के बाद तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर को बाहर करने की मांग उठ रही है। शार्दुल पहले टेस्ट मैच में गेंद और बल्ले से कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके थे। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर का कहना है कि लीड्स टेस्ट में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण कमजोर नजर आया और इसमें मजबूती लाने के लिए शार्दुल की जगह कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 में शामिल करना चाहिए।
बुमराह को नहीं मिला अन्य गेंदबाजों का सहयोग
बेन डकेट के शतक और जैक क्रावली तथा जो रूट के अर्धशतकों की मदद से इंग्लैंड ने भारत को पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन पांच विकेट से हराया। इंग्लैंड ने इस तरह पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी। भारतीय टीम पहली पारी में बढ़त लेने के बावजूद इस मैच को जीत नहीं सकी। भारत ने इंग्लैंड के सामने 371 रनों का लक्ष्य रखा था। इंग्लैंड ने दूसरी पारी में पांच विकेट पर 373 रन बनाकर जीत हासिल की। भारत की हार का सबसे बड़ा कारण दूसरी पारी में गेंदबाजों का लचर प्रदर्शन रहा। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने हेडिंग्ले में पहली पारी में पांच विकेट चटकाए, लेकिन अन्य भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं दे पाए।
मांजरेकर बोले- टीम प्रबंधन को लेने होंगे कड़े फैसले
मांजरेकर ने कहा, कुलदीप यादव को वापस आना होगा। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है, लेकिन शार्दुल ठाकुर को बाहर जाना होगा। यह एक बदलाव है जो भारत को करना होगा। जहां तक नीतीश कुमार रेड्डी का सवाल है तो मैंने पहले टेस्ट के लिए उनका समर्थन इस आधार पर किया था कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन वह पर्याप्त विकल्प प्रदान नहीं करता है। वह टीम में चौथे तेज गेंदबाज की भूमिका में पूरी तरह से खरा नहीं उतर पाएगा इसलिए भारतीय टीम प्रबंधन को कड़ा फैसला लेना होगा। हमें यहां की परिस्थितियों में अपने सर्वश्रेष्ठ आक्रमण के साथ करना होगा और इसके लिए मैं एक तेज गेंदबाज कम रखूंगा और कुलदीप को प्लेइंग-11 में शामिल करूंगा। उसे खेलना ही होगा।
'जडेजा अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे'
मांजरेकर ने यह भी कहा कि इंग्लैंड की परिस्थितियां पहले की तरह तेज गेंदबाजी के अनुकूल नहीं हैं, जिससे भारत को दो मुख्य स्पिनरों के साथ खेलने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें यह स्वीकार करना होगा कि इंग्लैंड की परिस्थितियां पहले की तरह नहीं है तथा मौसम काफी हद तक शुष्क है जिससे स्पिन गेंदबाजों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अब समय आ गया है जब भारत को दो मुख्य स्पिनर के साथ खेलने पर विचार करना चाहिए। प्रसिद्ध कृष्णा जैसे गेंदबाजों में सुधार की गुंजाइश है लेकिन जडेजा पहले मैच में अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरे। उन्हें पांचवें दिन विकेट से मिल रही मदद का फायदा उठाना चाहिए था।