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खुलासा: हरभजन ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद 'मंकीगेट' का बताया सच, कहा- मेरी किसी ने परवाह नहीं की

Sat, 25 Dec 2021 10:47 AM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हरभजन सिंह ने शुक्रवार को क्रिकेट से सभी पारूपों से संन्यास ले लिया। इसके साथ ही उनका 23 साल का लंबा क्रिकेट करियर समाप्त हो गया। क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद हरभजन ने मंकीगेट के बारे में बात की। 
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हरभजन सिंह और एंड्रयू साइमंड्स - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक हरभजन सिंह ने 24 दिसंबर को क्रिकेट के सभी पारूपों से संन्यास ले लिया। वह 23 साल तक क्रिकेट खेले। क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद हरभजन सिंह ने मंकीगेट की सच्चाई के बारे में बताया है। साल 2008 में सिडनी टेस्ट के दौरान हरभजन सिंह और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स के बीच विवाद हो गया था। जिसके बाद उसे मंकीगेट नाम दिया गया. 

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सिडनी टेस्ट में हुआ था विवाद

हरभजन सिंह और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व हरफनमौला एंड्रयू साइमंड्स के बीच गतिरोध ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब यह नस्लीय विवाद में बदल गया। टेस्ट मैच के आखिरी दिन ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान रिकी पोंटिंग ने अंपायर स्टीव बकनर और मार्क बेन्सन से शिकायत की कि हरभजन ने साइमंड्स को 'मंकी' कहकर नस्लीय रूप से अपमानित किया है। सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 122 रनों से हराया था। लेकिन मंकीगेट ऐसा विवाद था जिसकी लड़ाई कोर्ट रूम के अंतर लड़ी गई। 

मंकीगेट की सच्चाई बताएंगे हरभजन

हरभजन सिंह ने इस घटना का खुलासा करते हुए कहा कि यह शायद उनके करियर का सबसे बड़ा निचला स्तर था। इस घटना के बारे में हरभजन ने कभी भी सार्वजनिक रूप से विस्तार से बात नहीं की। लेकिन 41 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर ने खुलासा किया है कि वह इस घटना की सच्चाई पेश करेंगे। समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, यह कुछ ऐसा था जिसकी आवश्यकता नहीं थी, सिडनी में उस दिन जो कुछ भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था और यह भी कि इसके कारण क्या हुआ। यह वास्तव में अनावश्यक था। लेकिन भूल जाओ कि किसने क्या कहा। आप और मैं दोनों जानते हैं कि सत्य के दो पहलू हैं।
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आत्मकथा में करूंगा खुलासा

समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए हरभजन सिंह ने कहा, पूरे प्रकरण में किसी ने भी सच्चाई के मेरे पक्ष की परवाह नहीं की, किसी को भी परवाह नहीं थी कि मैं उन कुछ हफ्तों में क्या कर रहा था और मैं मानसिक रूप से कैसे परेशान था, मैंने कभी भी कहानी के अपने पक्ष को व्यापक नहीं दिया है, लेकिन मेरी आने वाली आत्मकथा में लोगों को इसके बारे में पता चल जाएगा, जो मेरे साथ हुआ वह किसी के साथ नहीं होना चाहिए था। 

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