ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी पांच मैचों की एशेज टेस्ट श्रृंखला में इंग्लैंड की टीम पूरी तरह से बैकफुट पर है। जो रूट की अगुवाई वाली इंग्लैंड की टीम शुरू के तीनों मैचों में बुरी तरह से पीटी है। ऑस्ट्रेलिया ने एकतरफा अंदाज में प्रदर्शन करते हुए तीन मैच जीतकर अजेय बढ़त ले ली है। इंग्लैंड के निराशाजनक प्रदर्शन पर पूर्व क्रिकेटर और इंग्लैंड के फैंस काफी निराश हैं और टीम की जमकर आलोचना कर रहे हैं।
उधर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने टीम के प्रदर्शन में सुधार के लिए अहम सुझाव दिए हैं। पीटरसन का मानना है कि दी हंड्रेड टूर्नामेंट की तर्ज पर प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट इंग्लैंड की टेस्ट टीम को पुराना गौरव हासिल करने में मदद कर सकती है। वर्ष 2005, 2009, 2010-11 और 2013 में एशेज जीतने वाली टीम के सदस्य रहे पीटरसन ने कहा कि मौजूदा काउंटी चैंपियनशिप ने अपनी चमक खो दी है और मौजूदा प्रारूप में यह टेस्ट टीम के लिए उम्दा खिलाड़ी देने की स्थिति में नहीं है।
पीटरसन ने बेटवे पर एक ब्लॉग में लिखा, 'खेल में कहीं और पैसा है, ऐसे में (काउंटी) चैंपियनशिप अपने मौजूदा प्रारूप में टेस्ट टीम के लिए उम्दा खिलाड़ी देने की स्थिति में नहीं है। सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी इसमें खेलना नहीं चाहते, इसलिए इंग्लैंड के युवा खिलाड़ी अन्य दिग्गज खिलाड़ियों से सीख नहीं पा रहे जैसे मैंने सीखा। खराब विकेट पर औसत गेंदबाज बल्लेबाजों को आउट कर रहे हैं और सारी चीजें उलझी हुई हैं।'
41 वर्षीय पीटरसन ने फ्रेंचाइजी आधारित 100 गेंद के क्रिकेट टूर्नामेंट 'द हंड्रेड' के लिए इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की सराहना की। उन्होंने कहा, 'द हंड्रेड में ईसीबी ने असल में कड़ा वाला टूर्नामेंट तैयार किया है। इसमें बेस्ट खिलाड़ी एक-दूसरे का सामना करते हैं, इसे अच्छी तरह तैयार किया गया है और दर्शक इससे जुड़े रहते हैं।'
पीटरसन ने कहा, 'उन्हें रेड बॉल क्रिकेट में भी इसी तरह की फ्रेंचाइजी शुरू करने की जरूरत है, जहां हर हफ्ते श्रेष्ठ खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ खेलें। उन्हें दुनिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ विदेशी खिलाड़ियों को आकर्षित करना चाहिए और इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ियों को उनके साथ खेलकर फायदा होगा।'
उन्होंने आठ टीम की राउंड रोबिन लीग का प्रस्ताव रखा जिसकी पिच इस तरह तैयार होनी चाहिए कि खिलाड़ियों की तकनीक ठोस हो। उन्होंने कहा, 'पिच की निगरानी ईसीबी को करनी चाहिए जिससे कि अभी की तरह गेंदबाजों के अत्याधिक अनुकूल पिच नहीं दिखें।'