चोपड़ा ने कहा, ‘महिला क्रिकेट को सुर्खियों में देखना खुशी की बात है। उन्हें उस इंग्लैंड दौरे का हिस्सा होना चाहिए था और शुरुआत में मुझे यह अच्छा नहीं लगा था, लेकिन महिला आईपीएल भी विश्व कप की तैयारियों में मददगार होगी। क्रिकेट के किसी भी प्रारूप से तैयारी की जा सकती है।’ उन्होंने कहा, ‘किसी भी टूर्नामेंट के लिए उपलब्ध नहीं होना अच्छी बात नहीं है, लेकिन तार्किक रूप से इसके पीछे कई मुद्दे हो सकते हैं और आप कम तैयारियों के साथ टीम नहीं भेज सकते।’
चोपड़ा ने सौरव गांगुली की अगुवाई वाली बीसीसीआई द्वारा आईपीएल के साथ-साथ यूएई में महिलाओं के आईपीएल के आयोजन के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘मैं निश्चित रूप से खुश हूं, दुनिया भर में कहीं भी किसी भी प्रकार के क्रिकेट का हिस्सा बनना हमेशा अच्छा होता है।’ साथ ही उन्होंने कहा कि महामारी का महिला क्रिकेट पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
चोपड़ा ने आगे कहा, ‘कहीं भी क्रिकेट नही हो रहा था, एक बार जब ये शुरू होगा तो चीजें रफ्तार पकड़ेंगी। इसे रफ्तार पकड़ने में थोड़ा समय लगेगा। मुझे उम्मीद है कि महिलाओं के खेल के प्रति जो जागरूकता पैदा हुई है वह बनी रहेगी।’
बता दें कि चोपड़ा ने सफलतापूर्वक 17 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है और उन्होंने रिकार्ड छह विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह 100 एकदिवसीय खेलने वाली पहली महिला क्रिकेटर हैं।