टीम इंडिया के पूर्व कोच और दिग्गज गेंदबाज अनिल कुंबले ने कहा है कि उन्हें बतौर कोच करियर के अंत में 'हेडमास्टर' का टैग मिला। दरअसल, मंगलवार को नई दिल्ली में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला की किताब ‘हिट रिफ्रेश’ से जुड़े एक प्रोग्राम के दौरान दोनों के बीच बातचीत हुई। बता दें कि नडेला खुद क्रिकेट के बहुत बड़े फैन हैं। इस दौरान उन्होंने कुंबले से उनकी जिंदगी और क्रिकेट करियर को लेकर कई अहम सवाल पूछे।
सीईओ नडेला ने जब पूर्व कोच कुंबले से पूछा कि आपको अपने माता-पिता से क्या सीख मिली, तो उन्होंने कहा कि खुद पर यकीन करना। कुंबले ने कहा कि माता-पिता ने मुझे खुद पर भरोसा करना सिखाया। इसके लिए आपको अपने माता-पिता और दादा-दादी की तरफ देखना पड़ता है।
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बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, 'मेरे दादाजी एक स्कूल में हेडमास्टर थे। इसलिए मैं इस शब्द के मायने खूब समझता हूं। हालांकि ये शब्द बाद में मेरी जिंदगी का हिस्सा बन गया। यहां पर बैठे कुछ लोग इस शब्द 'हेडमास्टर' का मतलब समझते हैं। कुंबले ने यह जवाब ऑडियंस की तरफ मुस्कराते हुए दिया।
इस दौरान कुंबले ने बातचीत में 2003-04 के ऑस्ट्रेलिया दौरा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2003-04 का ऑस्ट्रेलिया दौरा उनके लिए चैलेंज था। इस टूर में उन्हें खुद को फिर से निखारने की चुनौती थी। कुंबले ने कहा, 'वैसे तो एक क्रिकेटर के तौर पर आपको हर सीरीज के बाद हिट और रिफ्रेश करने की चुनौती होती है। मगर मैं 2003-04 के ऑस्ट्रेलिया दौरे का याद करना चाहूंगा। क्योंकि यह मेरे करियर के लिए बहुत खास था।'