भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने आरजी कर अस्पताल मामले में बयान देते हुए कहा कि ऐसा फैसला आना चाहिए जो दुनिया के सामने उदाहरण पेश कर सके। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष रह चुके गांगुली ने इसके साथ ही कोलकाता में न्याय के लिए जारी आंदोलन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस मामले में ऐसा फैसला आना चाहिए जिससे भविष्य में ऐसा अपराध कोई करने की सोच भी ना सके।
सुप्रीम कोर्ट में आरजी कर मामले की सुनवाई चल रही है और अब 17 सितंबर को सर्वोच्च न्यायालय फिर इस मामले की सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। मालूम हो कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में युवा डॉक्टर के साथ दरिंदगी हुई थी जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले को लेकर कोलकाता में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। पिछले महीने गांगुली भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गांगुली ने कहा, सभी लोगों की तरह जिन्होंने इस आंदोलन में उत्साहपूर्वक और गैर-राजनीतिक तरीके से भाग लिया है, मैं भी चाहता हूं कि उन्हें न्याय मिले। सबसे महत्वपूर्ण बात यही है। किसी भी कार्यवाही में समय लगता है कि, लेकिन हमारी अपील है कि इस मामले में जल्द से जल्द फैसला आए। फैसला ऐसा होना चाहिए जो पूरी दुनिया में उदाहरण पेश कर सके। ऐसा कि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने की हिम्मत ना कर सके। यह वास्तव में सराहनीय है कि लोग एक-दूसरे के साथ किस तरह खड़े हैं।
विरोध में गांगुली ने बदली थी डीपी
कोलकाता में हुए इस घटना के बाद कई हस्तियों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और इसकी आलोचना की थी। गांगुली भी शुरुआत से इस घटना पर काफी मुखर रहे हैं। उन्होंने इसके विरोध में अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल की डीपी काले रंग में बदली थी और फिर सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान गांगुली ने सड़क पर मोमबत्ती जलाई थी। इस दौरान उनकी बेटी सना भी साथ थीं।