भारतीय टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन की पारी देखकर पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली गदगद हो गए हैं। सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में खेले गए टी20 विश्व कप के सुपर आठ मुकाबले में दमदार प्रदर्शन किया और भारत की जीत में अहम योगदान दिया। इस पारी के बाद गांगुली ने सैमसन को नियमित रूप से सफेद गेंद की टीम में शामिल किए जाने का समर्थन किया।
सैमसन की आलोचना पर जताई हैरानी
गांगुली ने टी20 विश्व कप से पहले इस आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज की आलोचना पर हैरानी व्यक्त की। गांगुली ने कहा, सैमसन बहुत अच्छा खिलाड़ी है। उसे सफेद गेंद के क्रिकेट में भारत के लिए लगातार खेलना चाहिए, शत प्रतिशत। यह मुकाबला लगभग क्वार्टर फाइनल जैसा था और 97 रन पर नाबाद रहना उसके कौशल को दिखाता है। वह इस तरह का खिलाड़ी है। जब वह मैदान में उतरता है तो विरोधी टीम को नुकसान पहुंचाता है।
अकेले डटे रहे सैमसन
सैमसन ने यह पारी उस दिन खेली जब भारत के मुख्य बल्लेबाज अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या सस्ते में आउट हो गए। लेकिन सैमसन ने दबाव से अच्छी तरह निपटते हुए आखिर तक बिना किसी जोखिम के बल्लेबाजी की। गांगुली ने कहा, वह परिस्थिति के हिसाब से खेला और यह जरूरी था। इससे हम सभी को यह सीख मिलती है कि यह वही लड़का है जो पिछले छह महीनों में टीम में अपनी जगह नहीं बना पाया, भले ही ईशान किशन पारी का आगाज कर रहा हो या कोई और आ रहा हो। विश्व कप से ठीक पहले मैं अखबार में पढ़ता था कि 'संजू फिर विफल हो गया', 'वह टीम में शामिल होने का हकदार नहीं', 'भारत में इतनी प्रतिभा है, शुभमन गिल टीम में क्यों नहीं है?' फिर यही लड़का क्वार्टर फाइनल जैसे मैच 97 रन बनाकर नाबाद रहता है और आपको सेमीफाइनल में पहुंचा देता है।
गांगुली ने यह भी कहा कि इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज से ज्यादा मुश्किल होगी और कहा कि मुंबई में सेमीफाइनल की मुश्किल पार करने के लिए घरेलू टीम को अपनी बेहतरीन फॉर्म बनाए रखनी होगी। गांगुली ने कहा, इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज से ज्यादा मजबूत प्रतिद्वंद्वी होगी। उन्हें वैसा ही खेलना होगा जैसा उन्होंने कल के मैच में जीत दिलाई थी।