भारतीय क्रिकेट को रविवार को गहरी क्षति पहुंची। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का निधन हो गया। आईसीसी के वर्तमान अध्यक्ष जय शाह ने बिंद्रा के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, 'श्री आई एस बिंद्रा, पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट प्रशासन के एक दिग्गज के निधन पर गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करे। ओम शांति।'
84 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिंद्रा का निधन रविवार को नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। उनका अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर लोधी श्मशान घाट में किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, दोपहर का भोजन करने के बाद बिंद्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद शाम करीब 6.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे अमर बिंद्रा और बेटी उस समय दिल्ली में ही मौजूद थे।
बीसीसीआई के 23वें अध्यक्ष रहे
इंद्रजीत सिंह बिंद्रा भारत के राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के विशेष सचिव के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे। वह वर्ष 1993 से 1996 तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के 23वें अध्यक्ष रहे। उनका क्रिकेट प्रशासन में करियर लगभग चार दशक लंबा रहा, जिसकी शुरुआत 1975 में हुई थी। बिंद्रा को भारतीय क्रिकेट के व्यावसायिक विस्तार का अहम सूत्रधार माना जाता है। उनके और तत्कालीन प्रशासक जगमोहन डालमिया के प्रयासों से ही भारतीय क्रिकेट में टेलीविजन अधिकारों के जरिए बड़ी आर्थिक मजबूती आई और बीसीसीआई एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरा।
पंजाब क्रिकेट संघ में भी अहम पद पर रहे
इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) के अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल 1978 से 2014 तक रहा। वर्ष 2015 में उन्हें पीसीए का चेयरमैन चुना गया। उसी वर्ष मोहाली स्थित पीसीए स्टेडियम, जो उनकी परिकल्पना का परिणाम था, का नाम बदलकर आईएस बिंद्रा पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम रखा गया। भारतीय क्रिकेट प्रशासन में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।