ऑस्ट्रेलिया के पूर्व मुख्य कोच डेरेन लीमैन का कहना है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली की कमी पूरा करने के लिए भारतीय टीम में काफी गहराई है। रोहित और कोहली पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं और इन दोनों स्टार बल्लेबाजों के टेस्ट से संन्यास लेने की खबरों ने जोर पकड़ लिया है। रोहित ने 2024 में 24.76 के औसत से 619 रन बनाए थे जिसमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल थे।
दूसरी तरफ, कोहली ने 2024 में 10 मैचों में 24.52 के औसत से 417 रन बनाए जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था। इन दोनों बल्लेबाजों के लगातार विफल होने से क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने इनसे संन्यास लेने की अपील की है। हाल ही में दो बार के विश्व कप विजेता लीमैन ने भी इस बारे में अपनी राय रखी और कहा कि रोहित और कोहली अपने देश के महान खिलाड़ी हैं। हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि भारतीय क्रिकेट के पास इतनी गहराई है कि वे इन खिलाड़ियों का रिप्लेसमेंट खोज सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया के लिए 27 टेस्ट और 117 वनडे खेलने वाले लीमैन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, देखते हैं कि अगले कुछ दिन में क्या होता है और रोहित-कोहली क्या फैसला लेते हैं, लेकिन वे लंबे समय से भारत के महान क्रिकेटर रहे हैं। अब युवा खिलाड़ी भारत के लिए बेहतरीन खेल रहे हैं। भारतीय क्रिकेट में इतनी गहराई है कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। जब भी ये दोनों संन्यास का फैसला लेते हैं तो उनकी जगह लेने के लिए काफी प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं।
यशस्वी को अगली पीढ़ी का खिलाड़ी बताया
भारत के स्टार सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल से लीमैन काफी प्रभावित दिखे। उन्होंने यशस्वी के बारे में कहा, सुपरस्टार। सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक। यशस्वी और हैरी ब्रूक अगली पीढ़ी के खिलाड़ी हैं। उसने मेलबर्न और पर्थ में शानदार पारियां खेली। इस दौरे पर वह एक खिलाड़ी के तौर पर काफी निखरा है।
अकरम-मैकग्रा से की बुमराह की तुलना
मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीक बुमराह की भी लीमैन ने जमकर सराहना की। लीमैन ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसा खिलाड़ी नहीं देखा जिसका एक सीरीज पर इतना असर रहा हो। मुझे लगता है कि रोहित के बाद वह अगला कप्तान होगा। उसने पर्थ में शानदार प्रदर्शन किया। मैने जितने गेंदबाजों को खेलते देखा है, वह सर्वश्रेष्ठ है। मैंने वसीम अकरम और ग्लेन मैकग्रा को देखा है, लेकिन किसी एक सीरीज में किसी गेंदबाज का इतना प्रभाव नहीं देखा जो 2013-14 एशेज में मिचेल जॉनसन के बाद अब बुमराह ने दिखाया है।