लक्ष्मण और द्रविड़ ने 376 रनों की साझेदारी कर भारतेेीय क्रिकेट की दशा बदलने वाली जीत दिलाई। चैपल लक्ष्मण की कलाइयों के मुरीद हो गए थे। चैपल ने लिखा कि लक्ष्मण की शानदार 281 रन की पारी को मैं स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ खेली गई बेस्ट पारी कहूंगा। सीरीज से बाद मैंने शेन वॉर्न से पूछा था कि उन्हें क्या लगता है, उन्होंने कैसी गेंदबाजी की।
वॉर्न ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैंने इतनी खराब गेंदबाजी की। मैंने कहा बिल्कुल तुमने नहीं की। मैंने वॉर्न से कहा अगर लक्ष्मण तीन कदम आगे निकलकर तुम्हें स्पिन के खिलाफ ऑन ड्राइव लगाए और अगली गेंद तुम ऊंची और थोड़ी छोटी फेंको और वह पीछे जाकर तुम्हें कट कर दे तो यह खराब गेंदबाजी नहीं है। यह लाजवाब फुटबर्क है। लक्ष्मण ने 452 गेंद तक लगातार ऐसा किया। उन्होंने अपनी पारी में 44 चौके लगाए। इसमें लक्ष्मण की पारी की कामयाबी का राज छुपा है। उन्होंने गेंद को लगातार जमीन के साथ ही खेला।
ऑस्ट्रेलिया के वॉल्टर्स को याद करते हुए चैपल ने कहा कि उन्होंने एक सेशन में तीन बार शतक जड़े। इसका कोई पूरा रिकॉर्ड तो नहीं है लेकिन मुझे लगता है कि सिर्फ सर डॉन ब्रेडमैन ने इससे ज्यादा बार ऐसा किया है। चैपल ने कहा कि मैंने जितने खिलाड़ियों को देखा है उनमें वॉल्टर्स ऑफ स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ सबसे शानदार बल्लेेबाज थे। वह शानदार स्पिन गेंदबाजी के सामने सिर्फ टिके ही नहीं रहे बल्कि कई बार उन पर 21 भी साबित हुए। उन्होंने 1969 में मद्रास (अब चेन्नई) में चतुर ऑफ-स्पिनर इरापल्ली प्रसन्ना को जमकर खेला। इस दौरान उन्होंने 14 चौके और दो छक्के लगाए।