युवराज सिंह
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वर्ल्ड टी-20, डरबन, 2007
दक्षिण अफ्रीका में पहला टी-20 वर्ल्ड कप खेला जा रहा था। इसी दौरान 19 सितंबर को ग्रुप मुकाबले में पहली बार भारत और इंग्लैंड की टीम आमने-सामने थी। यह वह दिन था जब युवराज सिंह ने इतिहास रच दिया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करना शुरू किया और गंभीर (58) और सहवाग (68) की अर्धशतकीय पारियों के दम पर 15वें ओवर में ही पहले विकेट के लिए 136 रन जोड़ दिए। हालांकि इसके बाद भारत ने तीन ओवर में तीन विकेट गंवाए और उसका स्कोर 155/3 हो गया। इसी दौरान कप्तान धोनी का साथ देने के लिए भारत की तरफ से युवराज सिंह 17वें ओवर में मैदान पर उतरे। तभी 18वें ओवर में फ्लिंटॉफ और युवराज में कुछ कहासुनी हुई और अंपायरों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत किया। लेकिन इसके अगले ही ओवर में युवराज ने सारा गुस्सा युवा तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के ऊपर निकाल दिया। उन्होंने ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के जड़ दिए और सिर्फ 12 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया, जो आज भी टी-20 इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक बना हुआ है। युवराज की इस तूफानी पारी की वजह से भारत ने 200 से अधिक का स्कोर खड़ा किया और इस मुकाबले को 18 रन से अपने नाम किया था।