चेन्नई टेस्ट में बड़ी जीत के बाद हैदराबाद में भारतीय खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया को चारो खाने चित कर दिया। हैदराबाद में पारी और 135 रनों से मिली जीत में भारतीय टीम के पांच खिलाड़ियों ने अहम भूमिका निभाई।
चेतेश्वर पुजारा
क्रिकेट पंडितों की राय में टीम इंडिया के महान क्रिकेटर राहुल द्रविड़ के उत्तराधिकारी माने जा रहे चेतेश्वर पुजारा ने हैदराबाद टेस्ट में साबित कर दिया कि वे नंबर तीन पर 'दीवार' की भूमिका निभा सकते हैं।
वीरेंद्र सहवाग के महज छह रन पर आउट होने के बाद लगा कि भारतीय पारी ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों के सामने बिखर जाएगी।
लेकिन चेतेश्वर पुजारा ने मुरली विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए रिकॉर्ड 370 रनों की साझेदारी कर ऑस्ट्रेलिया के मंसूबे पर पानी फेर दिया। 'मैन ऑफ द मैच' रहे पुजारा ने 341 गेंदों में 30 चौके और एक छक्का की मदद से 204 रनों की पारी खेलकर टीम को विशाल स्कोर की ओर अग्रसर कर दिया।
मुरली विजय
चेन्नई टेस्ट में खास कारनामा नहीं कर सके युवा ओपनर मुरली विजय ने हैदराबाद टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। हैदराबाद टेस्ट में मुरली पर एक ओपनर की भूमिका में खासा दबाव था। इसके बावजूद सहवाग के आउट होने के बाद मुरली ने पुजारा के साथ मिलकर बेहद सर्तकता से भारतीय पारी संवारा।
साथ ही शतक पूरा करने के बाद भी उन्होंने संयम नहीं खोया और 169 रनों की विशाल पारी खेलकर ही दम लिया। मुरली ने इस पारी में 23 चौके और दो शानदार छक्के भी जमाए।
रविंद्र जडेजा
ऑलराउंडर के तौर पर टेस्ट टीम में शामिल किए गए रविंद्र जडेजा ने हैदराबाद फतह में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने दोनों पारियों में ऑस्ट्रेलिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज माइकल क्लार्क को आउट किया।
पहली पारी में जडेजा ने क्लार्क को 91 रनों पर पवेलियन भेजा तो दूसरी में महज 16 रन पर बोल्ड कर दिया। जडेजा ने दोनों पारियों में 3-3 विकेट झटके।
आर अश्विन
चेन्नई टेस्ट में 12 विकेट लेने वाले ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने हैदराबाद में भी ऑस्ट्रेलिया को बेदम कर दिया। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई पारी सधी शुरुआत की ओर बढ़ रही थी तभी अश्विन ने डेविड वार्नर और फिलिप ह्यूग्स को आउट कर भारतीय खेमे में जोश भर दिया।
इसके बाद अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में पांच विकेट झटककर भारतीय जीत में अहम रोल निभाई। अश्विन ने पहली पारी में एक और दूसरी में पांच विकेट झटके।
भुवनेश्वर कुमार
हैदराबाद की पिच तेज गेंदबाजों को खास मदद नहीं कर रही थी। इसके बावजूद भारत के भुवनेश्वर कुमार ने अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम के तीन शुरुआती खिलाड़ियों को पवेलियन भेज दिया। मैच के पहले सत्र में ही चार विकेट गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरी तरह लड़खड़ा गई और नियमित अंतराल पर विकेट गंवाते रहे। भुवनेश्वर के इस प्रदर्शन के चलते ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में 237 रन बना सकी।
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