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मैक्सवेल अकेले नहीं ये पांच क्रिकेटर्स भी हो चुके हैं मानसिक बीमारी के शिकार

Thu, 31 Oct 2019 05:22 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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मैक्सवेल-ट्रेस्कोथिक - फोटो : अमर उजाला
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ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की वजह से क्रिकेट से अनिश्चितकाल के लिए ब्रेक लेने का फैसला किया है। मैक्सवेल ने मानसिक तौर पर हो रही कठिनाइयों के कारण यह बड़ा कदम उठाया है।

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तेजी से बदल रहे क्रिकेट के प्रारूपों और लगातार बढ़ रहे टूर्नामेंट और लीग की वजह से खिलाड़ियों को लगातार स्वास्थ से संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिस तरह से क्रिकेटरों को पहले के मुताबिक अधिक संख्या में मैच खेलने पड़ रहे हैं, वो अब चिंता का विषय बनता जा रहा है।

यही कारण है कि मैक्सवेल से पहले कई और खिलाड़ियों ने भी मानसिक थकान और डिप्रेशन की वजह से क्रिकेट से ब्रेक ले लिया या क्रिकेट को बीच में ही छोड़ दिया। आईए जानते हैं उन पांच खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने क्रिकेट को मानसिक थकान की वजह से छोड़ दिया था।

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रयान कैम्पबेल - फोटो : ट्विटर
रयान कैम्पबेल (ऑस्ट्रेलिया): 
एक खिलाड़ी के तौर पर ऑस्ट्रेलियाई बहुत मजबूत और दमदार होते हैं लेकिन थकान और डिप्रेशन को संभालने के मामले में वे कमजोर नजर आते हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज रयान कैम्पबेल जिन्होंने राष्ट्रीय टीम की तरफ से दो वनडे खेले थे, उन्होंने कुछ सालों बाद बताया था कि वे दो साल तक डिप्रेशन में रहे थे। रयान को 2001 में दिक्कत शुरू हुई थी उसके बाद उन्होंने इलाज करवाया था। उसके बाद उन्होंने दूसरे खिलाड़ियों की मदद करनी शुरू कर दी।

मार्कस ट्रेस्कोथिक - फोटो : ट्विटर
मार्कस ट्रेस्कोथिक (इंग्लैंड):
इंग्लैंड के सफलतम ओपनर्स में से एक रहे ट्रेस्कोथिक एक बेहतरीन खिलाड़ी रहे और बेहद ही प्रोफेशनल भी रहे। उन्हें देखकर इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल था कि वे भी डिप्रेशन में हैं लेकिन ऐसा हुआ। 2006 में भारत दौरे के बाद ट्रेस्कोथिक को अहसास हुआ कि वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। इसके बाद उन्होंने सुधार की काफी कोशिश की और वापसी करने में लगे रहे लेकिन डिप्रेशन और थकान की वजह से नहीं कर पाए और एक अच्छे करियर को विराम लगा गए।

माइकल यार्डी - फोटो : ट्विटर
माइकल यार्डी (इंग्लैंड):
ससेक्स के ऑलराउंडर जो वर्ल्ड टी-20 विजेता इंग्लैंड की टीम के अहम सदस्य थे, वे भी मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए थे। वजन बढ़ना, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं से वे परेशान होने लगे थे। वे टीम में जगह बनाने में जूझते रहे, खराब फॉर्म की वजह से भी वे परेशान होने लगे। हालांकि बाद में टीम के स्पिन कोच मुश्ताक अहमद ने उनकी समस्या समझी और उन्हे क्रिकेट से आराम करने को कह दिया।

शॉन टेट - फोटो : ट्विटर
शॉन टेट (ऑस्ट्रेलिया):
ऑस्ट्रेलिया के तेज और सफल गेंदबाज टेट को भी इसी समस्या का सामना करना पड़ा था। 150किमी/घंटे की रफ़्तार से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाज को भी मानसिक थकान और डिप्रेशन का सामना करना पड़ा। इसकी वजह से उनके फॉर्म पर भी फर्क पड़ा और वे टीम से अन्दर-बाहर होने लगे। इसके बाद उन्होंने भी क्रिकेट से ब्रेक ले लिया और फिर क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट में खेलना शुरू कर दिया।
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जोनाथन ट्रोट - फोटो : ट्विटर
जोनाथन ट्रोट (इंग्लैंड):
दक्षिण अफ्रीकी मूल के खिलाड़ी ट्रोट इंग्लैंड की तरफ से खेलने वाले शानदार खिलाड़ी थे, लेकिन फॉर्म से जूझने और टीम में मुश्किल से जगह बनाने की वजह से वे परेशान होने लगे और कुछ समय बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए जिसका असर उनके खेल पर भी देखने को मिला।
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