मैनचेस्टर में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में भारत का खेल बहुत ही खराब रहा था और बारिश से प्रभावित इस मैच में टीम इंडिया 3 दिन में ही मैच हार गई थी।
बारिश के कारण इस मैच में जहां 3 दिन में खेल का एक लंबा हिस्सा नहीं खेला जा सका, वहीं भारतीय टीम ने इस दौरान अपने सभी 20 विकेट गंवा दिए। इस शर्मनाक हार के बाद भारत सीरीज में 1-2 से पिछड़ भी गया।
एक ओर जहां महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज गंवाने की कगार पर खड़ी है। वहीं भारत की महिला क्रिकेट टीम अपने देश के पुरुष टीम के इंग्लैंड के हाथों मिली लगातार हार का बदला लेने को आतुर दिख रही है।
भारत ने इंग्लैंड को 42 ओवर में ही समेटा
इंग्लैंड के वोर्म्सले में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के पहले दिन भारत की महिला टीम ने मेजबान के खिलाफ जोरदार शुरुआत की है, खासकर गेंदबाजों ने।
बुधवार से शुरू हुए इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला लिया जिसे गेंदबाजों ने सौ फीसदी सही साबित कर दिया।
भारतीय गेंदबाजों ने टी-ब्रेक से पहले 41.2 ओवर में ही इंग्लैंड को मात्र 92 रन पर ढेर कर दिया। भारत की ओर से नागराजन निरंजना ने 19 रन देकर 4 विकेट झटके। इंग्लैंड की तरफ से सिर्फ 3 बल्लेबाज सारा टेलर (30), टैमी ब्यूमोंट(12) और नताली शिवर (10) ही दहाईं की संख्या में पहुंच पाईं।
निरंजना के अलावा झूलन गोस्वामी, शिखा पांडे और एकता बिष्ट को एक-एक सफलता हासिल हुई। जबकि शुभलक्ष्मी शर्मा को 2 सफलता मिली।
अच्छी शुरुआत के बाद लड़खड़ाई भारतीय पारी
हालांकि भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन को बल्लेबाज आगे जारी नहीं रख सकी और स्टंप्स तक टीम इंडिया के 87 रन पर 6 विकेट गिर गए थे, जबकि पहली पारी के आधार पर भारत अब भी 5 रन पीछे है।
खेल खत्म होने के समय झूलन गोस्वामी 13 और एन निरंजना 13 रन बनाकर क्रीज पर डटी हुई थीं। इंग्लैंड की ओर से जेनी गन ने 13 रन देकर 4 विकेट झटके।
पुरुष टीम की तुलना में भारत की महिला टीम ने शुरुआत तो अच्छी की थी। पहले विकेट के लिए कामिनी (17) और स्मृति मंदाना (22) ने 40 रनों की साझेदारी की, लेकिन इस जोड़ी के टूट जाने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम का स्कोर 6 विकेट पर 64 रन हो गया।
10 खिलाड़ियों के लिए है यह पहला टेस्ट
इस चार दिवसीय महिला टेस्ट मैच का पहला दिन गेंदबाजों के लिए बेहद शानदार साबित हुआ, क्योंकि इस दिन कुल 16 विकेट गिरे।
इससे पहले इस मैच में दोनों टीमों को मिलाकर कुल 10 खिलाड़ियों ने टेस्ट मैच में अपने करियर की शुरुआत की। इंग्लैंड की ओर से 2 और भारत की ओर से 8 खिलाड़ियों के लिए यह मैच उनके करियर का पहला टेस्ट मैच है।