भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन का फॉर्म लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर भारत को खिताब दिलाने वाले सैमसन इसके बाद से बल्ले से निरंतर संघर्ष करते नजर आए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी वह महज 11 रन बनाकर आउट हो गए। सैमसन ने टी20 विश्व कप के बाद भारत के लिए खेली पिछली 11 पारियों में 5, 0, 1, 27, 10, 57, 50, 9, 7, 2 और 11 रन बनाए हैं। यानी इन 11 पारियों में वह केवल दो बार अर्धशतक तक पहुंच सके, जबकि छह पारियों में वह दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए।
सैमसन
- फोटो : IANS/ANI
टी20 विश्व कप में थे भारत के हीरो
सैमसन की मौजूदा फॉर्म इसलिए भी हैरान करने वाली है, क्योंकि टी20 विश्व कप में उन्होंने भारत की लगातार दूसरी खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो वाले मुकाबले में नाबाद 97 रन बनाए थे। इसके बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 89 रन की शानदार पारी खेली। इस प्रदर्शन के लिए सैमसन को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। ऐसे प्रदर्शन के बाद किसी खिलाड़ी को लंबा मौका देने की बात स्वाभाविक है। लेकिन भारतीय टीम में सलामी बल्लेबाज की जगह के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने सैमसन की स्थिति को थोड़ा मुश्किल बना दिया है।
अभिषेक शर्मा
- फोटो : IANS
अभिषेक शर्मा की जगह पक्की, दूसरी जगह के लिए मुकाबला
अभिषेक शर्मा फिलहाल सलामी बल्लेबाज के तौर पर अपनी जगह मजबूत कर चुके हैं। ऐसे में दूसरी सलामी जगह के लिए यशस्वी जायसवाल और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी दावेदारी पेश कर रहे हैं। भारत के पूर्व बल्लेबाज हनुमा विहारी का मानना है कि टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा सैमसन पर दबाव डालती है और इसका असर उनके प्रदर्शन पर दिखाई देता है। विहारी ने ईशान किशन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब ईशान ने इस साल जनवरी में भारतीय टीम में वापसी की और रन बनाने शुरू किए, तब भी सैमसन के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली थी।
सैमसन और अभिषेक
- फोटो : BCCI
'प्रतिस्पर्धा होने पर सैमसन असुरक्षित महसूस करते हैं'
- हनुमा विहारी ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि सैमसन का फॉर्म इस समय सबसे बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि वह सैमसन के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और चाहते हैं कि उन्हें भारतीय टीम में खेलना जारी रखना चाहिए, क्योंकि वह विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रह चुके हैं।
- विहारी के मुताबिक, विश्व कप से पहले जब ईशान किशन की भारतीय टीम में वापसी हुई थी, तब सैमसन ने खुद एक साक्षात्कार में कहा था कि टीम में प्रतिस्पर्धा होने पर वह असुरक्षित महसूस करते हैं और उसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ता है।
- अब वैभव सूर्यवंशी के रूप में एक और मजबूत दावेदार सामने है। हालांकि वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मैच में सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली, लेकिन उनकी मौजूदगी सैमसन पर दबाव बढ़ा सकती है।
वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन
- फोटो : ANI
'प्रतिस्पर्धा है तो सैमसन पर दबाव होना स्वाभाविक'
विहारी ने कहा कि क्रिकेट या किसी भी खेल में दबाव बड़ी भूमिका निभाता है। खासकर जब कोई खिलाड़ी भारत के लिए खेल रहा हो और करोड़ों लोगों की नजर उस पर हो, तो दबाव और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के खिलाड़ी को इस दबाव से निपटना सीखना चाहिए। उनके मुताबिक, टीम में प्रतिस्पर्धा हो या न हो, भारत के लिए खेलने वाले किसी भी खिलाड़ी पर दबाव होना स्वाभाविक है और उसे प्रदर्शन के जरिए उसका जवाब देना चाहिए। अब सवाल यही है कि क्या सैमसन अपनी खराब फॉर्म से जल्द बाहर निकल पाएंगे या यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की बढ़ती दावेदारी उनके लिए मुश्किलें बढ़ाएगी?