फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Stampede: बंगलूरू भगदड़ मामले में आरसीबी पर दर्ज हुई एफआईआर, KSCA की प्रशासनिक समिति के खिलाफ भी हुई शिकायत

Thu, 05 Jun 2025 05:58 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बंगलूरू भगदड़ मामले में आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्सं बेंगलुरु (आरसीबी), डीएनए (इवेंट मैनेजमेंट कंपनी) और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) की प्रशासनिक समिति और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
विज्ञापन
बंगलूरू में हादसा - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बंगलूरू भगदड़ मामले में आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्सं बेंगलुरु (आरसीबी), डीएनए (इवेंट मैनेजमेंट कंपनी) और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) की प्रशासनिक समिति और अन्य के खिलाफ कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई है। एफआईआर में भगदड़ की घटना में आपराधिक लापरवाही की बात कही गई है। समाचार एजेंसी एएनआई ने गुरुवार को बताया कि इस मामले में धारा 105, 125 (1)(2), 132, 121/1, 190 आर/डब्ल्यू 3(5) के तहत शिकायत दर्ज की गई है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: IPL 2025: मृतकों के परिवार को 10-10 लाख रुपये देगी आरसीबी, घायल प्रशंसकों के लिए फंड बनाएगी टीम
Trending Videos

केएससीए, RCB और पुलिस को बंगलूरू डीसी ने जारी किया नोटिस
बंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुई भगदड़ की मजिस्ट्रेट जांच की जा रही है। इस जांच का नेतृत्व कर रहे बंगलूरू शहरी उपायुक्त (डीसी)  जी जगदीश ने गुरुवार को कहा कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए), रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पुलिस आयुक्त बी दयानंद को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने चिन्नास्वामी स्टेडियम का निरीक्षण किया, जहां बुधवार को भगदड़ मची थी। जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

घटना की जानकारी देते हुए उपायुक्त जी जगदीश ने कहा कि, 'आज मैंने केएससीए (कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ) स्टेडियम का दौरा किया। मैंने यहां सभी कार्यक्रम देखे हैं। मैं कुछ लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी करूंगा। मैं जांच करूंगा और 15 दिनों के भीतर पूरी करूंगा। मैं केएससीए, आरसीबी प्रबंधन, इवेंट मैनेजर और पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी करूंगा। मैं लोगों से साक्ष्य देने के लिए कहूंगा। इस त्रासदी के लिए कौन जिम्मेदार है, इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, मैं अभी जांच शुरू कर रहा हूं। मैं अभी इसे समाप्त नहीं करूंगा। उन्होंने कहा, मुझे जांच करनी है और सरकार को रिपोर्ट देनी है।'

कर्नाटक सरकार ने कोर्ट को बताया- 2.5 लाख लोग फ्री एंट्री सोचकर आए
इस मामले में कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। गुरुवार को कर्नाटक हाईकोर्ट ने चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम के पास हुई भगदड़ से संबंधित मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि हमने महाधिवक्ता के समक्ष अपनी बात रखी है। उन्होंने एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है, जिसे रिकॉर्ड में लिया गया है। रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि इस स्वत: संज्ञान को स्वत: संज्ञान रिट याचिका के रूप में पंजीकृत किया जाए। कोर्ट ने 10 जून, मंगलवार को याचिका को फिर से सूचीबद्ध करने के कहा।

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि हम सबसे पहले यह अनुरोध करना चाहेंगे कि कोई दोषारोपण न हो। हम केवल तथ्यों को उसी रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं, जैसा कि वे घटित हुए थे। हम कोई प्रतिकूल दृष्टिकोण नहीं अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया था। स्टेडियम की क्षमता 35,000 है। आमतौर पर केवल 30,000 टिकट ही बिकते हैं। इस बार लगभग 2.5 लाख लोग यह सोचकर आए कि प्रवेश निःशुल्क है।

सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) शशि किरण शेट्टी ने बताया कि समारोह में नि:शुल्क प्रवेश की घोषणा के कारण भारी भीड़ उमड़ी, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को विरोधात्मक तरीके से देखने का इरादा नहीं रखती है, बल्कि यह समझने का प्रयास कर रही है कि चूक कहां हुई ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न दोहराई जाएं। महाधिवक्ता ने बताया कि पूरे शहर में सुरक्षा बल तैनात थे, लेकिन चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर स्थिति अनियंत्रित हो गई। हर व्यक्ति यह सोच रहा था कि बस वह एक और अंदर जा रहा है, जबकि असल में वहां भारी जनसैलाब था।

ये भी पढ़ें: RCB: 'विश्वास नहीं कर सकता कि विराट को...', बंगलूरू भगदड़ पर इस क्रिकेटर का बयान, फ्रेंचाइजी मालिकों को लताड़ा
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें