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विवाद न हो, इसलिए धोनी की फिल्म से हटेगा ये मशहूर डायलॉग

Wed, 28 Sep 2016 09:25 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
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महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : getty
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टीम इंडिया के वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की चर्चित बायोपिक 30 सितंबर को रिलीज होने वाली है, लेकिन इसके ठीक पहले फिल्म निर्माताओं ने किसी तरह के विवाद से बचने के लिए फिल्म के उस मशूहर डायलॉग को हटाने का निर्णय कर लिया है।
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इन दिनों टीवी, यूट्यूब समेत कई जगहों पर धोनी के जीवन पर बनी फिल्म का टीजर दिखाया जा रहा है। इस टीजर में एक डायलॉग सुनाया जाता है जिसमें 3 बड़े खिलाड़ियों के टीम से बाहर करने की बात कही जाती है। निर्माताओं को डर है कि फिल्म के रिलीज होने के बाद इस डायलॉग पर विवाद बढ़ सकता है।

इस तरह से एक बार फिर धोनी ने उन 3 बड़े क्रिकेट सितारों को ड्रॉप कर दिया जिनको साल 2008 में बतौर कप्तान रहते हुए उन्होंने टीम इंडिया से बाहर करवाया था। अब एक बार फिर उन्होंने इन खिलाड़ियों का नाम अपनी फिल्म से हटवा दिया है। 11 अगस्त को फिल्म का टीजर लॉन्च हुआ था तब से ही धोनी किन सीनियर खिलाड़ियों को टीम से हटाना चाहते थे, हर कोई यह जानने को उत्सुक था।
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फिल्म में एक सीन में चयनकर्ता यह कहता है कि इन तीन को निकालकर यह सिलसिला थमने वाला नहीं है। इससे पहले धोनी बड़े ही नर्दयी तरीके से सीनियर खिलाड़ियों को टीम से बाहर निकालने के लिए कहते हैं। इस पर धोनी तर्क देते हैं कि हम सभी सेवक हैं और हम राष्ट्रीय सेवा का कर्तव्य पूरा कर रहे हैं। (वी आर ऑल सर्वेंट्स, एंड वी आल डूईंग नेशनल ड्यूटी)। 
 

इन तीन खिलाड़ियों को धोनी ने करवाया था बाहर

महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : official poster
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक धोनी की सेलेक्टर्स के साथ बातचीत में जिन तीन सीनियर खिलाड़ियों का नाम लिया गया वे हैं सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण। लेकिन अंतिम समय में फिल्म के निर्माताओं ने अपनी ओर से पहल करते हुए इन तीन खिलाड़ियों के नाम फिल्म से हटा दिए गए हैं। फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे ने इस अंग्रेजी अखबार को बताया कि फिल्म में वह सीन अभी भी है लेकिन हमने उसमें से तीन खिलाड़ियों के नाम हटा दिए हैं। ये फिल्म के ओरिजनल प्लान के तहत हुआ है। इस संबंध में हमने छह महीने पहले धोनी से चर्चा की थी।
 
साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज के लिए वनडे टीम में सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को शामिल नहीं किया गया था जबकि सीरीज का चौथा और अंतिम टेस्ट अभी खेला जाना था। अनिल कुंबले के नेतृत्व में खेली गई इस टेस्ट सीरीज में हरभजन सिंह और एंड्रयू सायमंड्स के बीच चर्चित मंकीगेट विवाद हुआ था।
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सीनियर्स के बाहर होने के बाद जीती थी कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज

धोनी - फोटो : getty
महेंद्र सिंह धोनी ने सौरव गांगुली की कप्तानी में वनडे पदार्पण किया था। वहीं द्रविड़ की कप्तानी में उन्हें टेस्ट टीम में जगह मिली थी। लेकिन इन सीनियर खिलाड़ियों को उस समय के चौथे टेस्ट से पहले हटाए जाने का निर्णय वनडे कप्तान धोनी और चयनकर्ताओं ने लिया था।

गांगुली को टीम से बाहर किया जाना उस वक्त बड़ा विवाद बना था। उस वक्त बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह ने टीम से सीनियर खिलाड़ियों को बाहर करने के निर्णय का बचाव किया था। तब इस बात पर जोर दिया गया था सीनियर खिलाड़ी अच्छी फील्डिंग नहीं कर पाते हैं, इसलिए उनकी जगह युवा खिलाड़ियों को टीम में जगह दी जाए।  इसके बाद धोनी की कप्तानी में भारत को कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज में जीत मिली थी। यह 23 साल बाद भारत की ऑस्ट्रेलिया में पहली वनडे सीरीज जीत भी थी।  

नीरज पांडे ने बताया कि पिछले महीने धोनी ने फिल्म का पहला कट देखा था। फिल्म देखने के बाद धोनी ने 10 मिनट तक एक भी शब्द नहीं कहा। यह उनके लिए एक खिलाड़ी के रूप में बेहद तकलीफदेह था। 
 
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