भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवें टेस्ट के दूसरे दिन एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है। बुमराह ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने मार्नस लाबुशेन को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में सिडनी टेस्ट में भारतीय टीम की कमान संभाल रहे बुमराह ने पहली पारी में 33 रन देकर दो विकेट झटके।
बुमराह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में अब तक 32 विकेट ले चुके हैं जो ऑस्ट्रेलिया में एक सीरीज में किसी भारतीय गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। बुमराह ने इस मामले में दिग्गज पूर्व गेंदबाज बिशन सिंह बेदी को पीछे छोड़ दिया है जिन्होंने 1977-78 सीरीज में पांच मैचों में 31 विकेट लिए थे। इससे पहले, बुमराह ने सिडनी टेस्ट के पहले दिन बहस के बाद उस्मान ख्वाजा को आउट किया था। पहले दिन की अंतिम गेंद पर बुमराह ने ख्वाजा को स्लिप में केएल राहुल के हाथों कैच कराकर पवेलियन की राह दिखाई थी।
ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज
| विकेट |
गेंदबाज |
वर्ष |
| 32* |
जसप्रीत बुमराह |
2024-25 |
| 31 |
बिशन सिंह बेदी |
1977-78 |
| 28 |
बीएस चंद्रशेखर |
1977-78 |
| 25 |
ई. प्रसन्ना |
1967-68 |
| 25 |
कपिल देव |
1991-92 |
बुमराह हुए चोटिल?
बुमराह इस सीरीज में भारत के सबसे सफल गेंदबाज हैं, लेकिन उनकी चोट ने टीम की चिंता बढ़ा दी है। दूसरे दिन लंच के बाद भारत को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब कप्तान जसप्रीत बुमराह मैदान छोड़कर मैदान से बाहर जाते दिखे। इसके कुछ देर बाद उन्हें वॉर्म अप जर्सी में मैदान से बाहर पार्किंग की ओर जाते देखा गया। फिर वह मेडिकल टीम के डॉक्टर के साथ एक गाड़ी में बैठकर मैदान से बाहर चले गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह स्कैन के लिए अस्पताल गए हैं और उन्हें साइड स्ट्रेन की शिकायत है। हालांकि, इसकी पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। बीसीसीआई ने अब तक कोई जानकारी नहीं दी है।
यह भारत के लिए बड़ा झटका हो सकता है, क्योंकि बुमराह कप्तान हैं और स्ट्राइक गेंदबाज भी हैं। इस दौरे पर भारतीय टीम की गेंदबाजी उन्हें के ईर्दगिर्द घूमी है। बुमराह एक छोर से शानदार फॉर्म में दिखे और शुरुआती चार टेस्ट को मिलाकर उन्होंने बाकी भारतीय तेज गेंदबाजों के मुकाबले ज्यादा विकेट लिए। इस दौरान उन्हें मैदान पर गेंदबाजी करते हुए काफी समय भी बिताना पड़ा है। वह लगातार पांच टेस्ट खेले हैं और वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत उन्हें आराम नहीं मिला। ऐसे में उन पर थकान भी हावी हो सकती है।