गांगुली और शाह ने जब अध्यक्ष और सचिव के रूप में कामकाज संभाला था, तब उनके राज्य और राष्ट्रीय इकाई में छह साल के कार्यकाल में केवल नौ माह ही बचे थे। इस बीच बीसीसीआई ने 21 अप्रैल को शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर शाह और गांगुली के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग की थी। बोर्ड चाहता है कि दोनों का कार्यकाल 2025 तक यानी चार वर्ष तक के लिए बढ़ जाए।
मौजूदा संविधान के अनुसार अगर किसी पदाधिकारी ने बीसीसीआई या राज्य संघ में मिलाकर तीन साल के दो कार्यकाल पूरे कर लिए हैं, जो उसे तीन साल का अनिवार्य ब्रेक लेना होगा। गांगुली ने 23 अक्तूबर को बीसीसीआई अध्यक्ष का पद संभाला था और उन्हें अगले साल पद छोड़ना होगा, लेकिन छूट दिए जाने के बाद वह 2025 तक पद पर बने रह सकते हैं।