पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी को गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) से अब निजी कमरे में भेज दिया गया है और उनकी स्थिति में काफी सुधार है। बेदी का कुछ दिन पहले मस्तिष्क में जमे रक्त के थक्के को हटाने के लिए आपरेशन किया गया था। इस 74 वर्षीय दिग्गज स्पिनर को शहर के एक अस्पताल में भर्ती किया गया है।
बिशन सिंह बेदी के करीबी सूत्रों ने पीटीआई से कहा, 'उन्हें कल निजी कमरे में भेज दिया गया। वह अब बेहतर हैं। वे (चिकित्सक) कुछ और दिन तक उन्हें अपनी निगरानी में रखेंगे।' बेदी की पिछले महीने हृदय संबंधी परेशानियों के कारण बाइपास सर्जरी की गई थी। इसके बाद अब उनके मस्तिष्क में से थक्का निकालने के लिए सर्जरी की गई।
1967 से लेकर 1979 तक भारत के लिए 67 टेस्ट और 10 वन-डे मैच खेलने वाले बिशन सिंह बेदी के नाम क्रमश: 266 और सात विकेट दर्ज हैं। बीते दिनों वह कोटला स्टेडियम में दिवंगत भाजपा नेता अरुण जेटली की प्रतिमा का विरोध कर खबरों में थे।
किसी प्रेरणादायी खिलाड़ी की बजाय प्रशासक की प्रतिमा लगाने से खफा बेदी ने दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) को विवादों और भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए कोटला स्टैंड से अपना नाम हटाने की मांग तक कर डाली थी। साथ ही कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
दिसंबर 2020 के अंतिम सप्ताह में गृहमंत्री अमित शाह की मौजदूगी में जेटली की प्रतिमा का अनावरण किया गया था। कार्यक्रम में डीडीसीए के अध्यक्ष और अरुण जेटली के पुत्र रोहन जेटली ने पहली बेदी को दिल्ली क्रिकेट का ‘भीष्म पितामह’ बताया था। साथ ही उनसे फिरोजशाह कोटला मैदान के स्टैंड से नाम हटाने की उनकी मांग वापस लेने का अनुरोध भी किया था।