मार्गन ने अपना आखिरी मैच दक्षिण अफ्रीका टी20 लीग में पार्ल रॉयल्स के लिए खेला था। इसके बाद उन्होंने अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए क्रिकेट को अलविदा कहा है।
इंग्लैंड को वनडे विश्व चैंपियन बनाने वाले कप्तान इयोन मॉर्गन ने 36 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है। उन्होंने पिछले साल जून के महीने में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। इसके छह महीने बाद ही उन्होंने एक खिलाड़ी के रूप में अपने करियर को पूरी तरह विराम देने का फैसला किया।
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मॉर्गन ने अपना आखिरी मैच दक्षिण अफ्रीका टी20 लीग के सेमीफाइनल में पार्ल रॉयल्स के लिए खेला था। उन्होंने इस टूर्नामेंट की छह पारियों में 64 के उच्चतम स्कोर के साथ 145.45 के स्ट्राइक-रेट से 128 रन बनाए। 16 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय रहने वाले मॉर्गन ने आयरलैंड के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, बाद में वह इंग्लैंड के लिए खेले और देश के महान खिलाड़ियों में शामिल हैं।
मार्गन ने अपने बयान में कहा, "बहुत गर्व के साथ मैं क्रिकेट के सभी प्रारूपों से अपने संन्यास की घोषणा कर रहा हूं। जिसने मुझे इतने सालों में बहुत कुछ दिया है। 2005 में मिडिलसेक्स में शामिल होने से लेकर इंग्लैंड में जाने और दक्षिण अफ्रीका लीग में खेलने तक मैंने हर पल का मजा लिया है। जैसा कि हर खिलाड़ी के करियर में होता है, वैसे ही मेरे भी करियर में उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन मेरा परिवार और दोस्त इस सब के दौरान मेरी साथ रहे हैं। मैं अपनी पत्नी तारा, मेरे परिवार और करीबी दोस्तों को विशेष रूप से धन्यवाद कहना चाहता हूं जिन्होंने बिना किसी शर्त मेरा समर्थन किया है।"
उन्होंने आगे कहा "मैं अपने सभी साथियों, कोच, प्रशंसकों और पर्दे के पीछे के लोगों का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने न केवल मुझे वह खिलाड़ी बनाया, जो मैं बना, बल्कि मुझे वह इंसान भी बनाया, जो मैं आज हूं। क्रिकेट के लिए धन्यवाद, मैं दुनिया की यात्रा करने में सक्षम रहा। मैं कई अविश्वसनीय लोगों से मिला, जिनमें से कई के साथ मैंने हमेशा के लिए दोस्ती कर ली है। दुनिया भर में फ्रेंचाइजी टीमों के लिए खेलने से मुझे बहुत सारी यादें मिली हैं, जिन्हें मैं हमेशा के लिए संभाल कर रखूंगा।"
परिवार के साथ समय बिताएंगे मॉर्गन
मार्गन ने कहा "अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद से, मैं अपने प्रियजनों के साथ अधिक समय बिताने में सक्षम हूं, और मैं भविष्य में ऐसा अधिक से अधिक करने में सक्षम होने की आशा करता हूं। मैं निस्संदेह पेशेवर क्रिकेट की रोमांच और चुनौतियों को याद करूंगा। हालांकि, मैं खिलाड़ी के रूप में संन्यास ले रहा हूं, फिर भी मैं खेल में शामिल रहूंगा। कमेंटेटर और क्रिकेट पंडित के रूप में अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट में ब्रॉडकास्टरों के साथ काम कर रहा हूं। मैं ईमानदारी से भविष्य की प्रतीक्षा कर रहा हूं।"
मॉर्गन ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 5,042 रन, लिस्ट ए में 11,654 रन और टी20 में 7,780 रन बनाए, जो 2006 में वापस शुरू हुआ था। इसमें उन्होंने 13 शतक लगाए। वनडे में वह इंग्लैंड के सबसे सफल कप्तान रहे। उन्होंने 126 मैचों में 76 में अपनी टीम को जीत दिलाई। उन्होंने 115 टी20 मैचों में 136.18 के स्ट्राइक-रेट से 14 अर्द्धशतक के साथ 2458 रन बनाए। वह 2010 में वेस्ट इंडीज में इंग्लैंड के लिए पहला टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहे। 2016 टी20 विश्व कप में फाइनल में हारने वाली टीम की के कप्तान भी मॉर्गन ही थे। बतौर कप्तान उन्होंने इंग्लैंड को 72 मैचों में 42 टी20 मैच में जीत दिलाई।
मॉर्गन ने बदली इंग्लैंड की टीम
मॉर्गन की अगुवाई में इंग्लैंड ने निर्भीक होकर खेलना शुरू किया और वनडे क्रिकेट में कई बार सबसे बड़ा स्कोर बनाया। मार्गन पहले कप्तान बने, जिन्होंने इंग्लैंड को वनडे विश्व कप जिताया। 2019 में इंग्लैंड ने रोमांचक मैच में न्यूजीलैंड को अपने घर पर सुपर ओवर में मात दी थी। मॉर्गन की अगुवाई में इंग्लैंड की टीम ने कई बार वनडे में 400 का आंकड़ा पार किया। मौजूदा समय में वनडे क्रिकेट के तीन सबसे बड़े स्कोर इंग्लैंड के ही नाम हैं।