मैनचेस्टर में खेले गए तीसरे औरआखिरी टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने 269 रन से एकतरफा जीत हासिल की। इसी के साथ वेस्टइंडीज का 32 साल बाद अंग्रेजी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीतने का सपना भी चकनाचूर हो गया। यह बीते छह साल में इंग्लिश टीम की अपनी सरजमीं पर आठवीं टेस्ट सीरीज जीत है। यह 13वीं सीरीज थी, जिसमें आठ में जीत तो पांच सीरीज बराबरी पर छूटी। वेस्टइंडीज ने पहला मैच चार विकेट से जीता फिर इंग्लैंड ने दूसरे टेस्ट में 113 रन से वापसी की।
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरे इंग्लिश बल्लेबाजों ने पहली पारी में 369 रन बनाए, फिर स्टुअर्ट ब्रॉड के छह विकेट के बूते वेस्टइंडीज को भी 197 रन पर समेट दिया। स्टुअर्ट ने 18वीं बार 5 विकेट लिए। पहली पारी में मिली 172 रन की लीड के बाद इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 2 विकेट पर 226 रन बनाकर घोषित करते हुए मैच के तीसरे दिन ही 399 रन का लक्ष्य दिया, चौथे दिन यदि बारिश नहीं होती, तो शायद कैरेबियाई टीम एक दिन पहले ही यह मैच और सीरीज गंवा देता।
ब्रॉड 500 विकेट लेने वाले दूसरे इंग्लिश गेंदबाज
मैच के तीसरे दिन 399 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम ने 6 रन पर ही दो विकेट गंवा दिए थे, इसके बाद चौथा दिन बारिश के कारण पूरी तरह धुल गया था। पांचवें और आखिरी दिन ब्रॉड टेस्ट क्रिकेट में 500 विकेट लेने वाले इंग्लैंड के दूसरे और विश्व के सातवें गेंदबाज बने। इसे संयोग ही कहा जाएगा कि जेम्स एंडरसन और ब्रॉड दोनों ब्रैथवेट को ही अपना 500वां शिकार बनाया। ब्रॉड से पहले सिर्फ मुथैया मुरलीधरन (800), शेन वार्न (708), अनिल कुंबले (619), जेम्स एंडरसन (589), ग्लेन मैक्ग्रा (563) और कर्टनी वाल्श (519) ही ऐसा करने में कामयाब हो पाए हैं। ब्रॉड इस लिस्ट में शामिल होने वाले इंग्लैंड के दूसरे और दुनिया के चौथे पेसर हैं।