क्रिकेट के महानतम बल्लेबाज ब्रैडमैन 1948 में अपनी अंतिम टेस्ट पारी के दौरान ओवल के जिस मैदान पर बिना खाता खोले क्लीन बोल्ड हो गए थे, कुक ने उसी मैदान पर अपनी अंतिम टेस्ट पारी को यादगार बनाने में जी-जान लगा दिया। सचिन को तो वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी टेस्ट में बल्लेबाजी का मौका ही नहीं मिला था। हालांकि पहली पारी में उन्होंने 74 रन की पारी खेली थी, मगर शतक बनाने से चूक गए थे।