टीम इंडिया के खिलाफ खिताबी मुकाबला गंवाने वाले इंग्लैंड के कप्तान इयोन मॉर्गन ने कहा कि उनकी टीम ने 20-30 रन कम बनाए। इसके लिए उन्होंने डेथ ओवर्स में बल्लेबाजी क्रम के ध्वस्त होने को जिम्मेदार ठहराया।
मोर्गन ने मैच के बाद कहा, ‘हमने 20 से 30 रन कम बनाए। 225 या 235 रन इस मैदान पर मुश्किल लक्ष्य होता। भारत कभी हमारी पकड़ से दूर नहीं था, लेकिन हम विकेट हासिल करने में जूझते रहे। उन्होंने रन गति बनाए रखी और फिर 16 वें या 17 वें ओवर में वह इस स्थिति में थे कि मैच हमारी पकड़ से दूर कर सकें जो निराशाजनक था।
मोर्गन ने अपने सलामी बल्लेबाजों की जमकर तारीफ की। कप्तान ने कहा कि जेसन रॉय और जोस बटलर ने शानदार शुरुआत दिलाई और हमें लगभग 220 रन के स्कोर के बारे में सोचने का मौका दिया। मगर मोर्गन ने हार्दिक पांड्या को इंग्लैंड के लिए असली विलेन बताया।
मोर्गन ने कहा, ‘पंड्या ने चीजों को सामान्य रखा। उनकी अच्छी लेंथ के साथ गेंदबाजी की और हम बड़े शॉट नहीं खेल पाए। अच्छे विकेट और छोटे मैदान पर हमें इससे बेहतर करना चाहिए था। संभवत: भारत ने अपना शीर्ष खेल दिखाया और हमने नहीं।’
बताते चलें कि, इंग्लैंड एक वक्त बेहद मजबूत स्थिती में था। 8 ओवर से पहले ही इंग्लैंड का स्कोर 94 रन हो चुका था। मगर बीच के ओवर्स में टीम बिखर गई। डेथ ओवर्स में टीम ने 14 गेंद के भीतर पांच विकेट गंवाए। भारत के लिए बल्ले से रोहित ने कमाल किया, जबकि ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने 38 रन पर चार विकेट चटककर भारत को गेंदबाजी में वापसी दिलाई।