वेस्टइंडीज का सामना अब उस इंग्लैंड से है जिससे वह पिछले कुछ वर्षों से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया है। इन दोनों टीमों के बीच जो 101 वनडे खेले गए हैं उनमें 51 में इंग्लैंड और 44 में वेस्टइंडीज ने जीत दर्ज की है लेकिन पिछले दस वर्षों में खेले गए 19 मैचों में कैरेबियाई टीम केवल तीन में जीत हासिल कर पाई है। इंग्लैंड ने इनमें से 14 मैच में जीत दर्ज की है और वह अपना यह दबदबा बरकरार रखने की कोशिश करेगा।
इंग्लैंड का मजबूत पक्ष उसकी बल्लेबाजी है। उसके शीर्ष सात बल्लेबाज अकेले दम पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं। जेसन रॉय ने पिछले मैच में 153 रन बनाकर अपनी फॉर्म जाहिर की। जॉनी बेयरस्टो और जोस बटलर ने अर्द्धशतक जमाए। बेन स्टोक्स और जोफरा आर्चर ने गेंदबाजी में कमाल दिखाया। वेस्टइंडीज के पास बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को देखते हुए तेज गेंदबाज लियाम प्लंकेट की जगह मोईन अली की अंतिम एकादश में वापसी हो सकती है।
आर्चर के लिए यह मैच महत्वपूर्ण होगा क्योंकि वह मूल रूप से वेस्टइंडीज से जुड़े हैं और उन्होंने इसी साल इंग्लैंड की तरफ से खेलने का हक पाया था। क्रिस गेल और आर्चर के बीच रोचक जंग देखने को मिल सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आर्चर बाएं हाथ के इस बल्लेबाज या बेहतरीन फॉर्म में चल रहे शाई होप और विस्फोटक आंद्रे रसेल पर कैसे अंकुश लगाते हैं।
विंडीज के बल्लेबाजों की परीक्षा
वेस्टइंडीज की चिंता बल्लेबाजों को लेकर है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसके गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन बल्लेबाज अपेक्षित खेल नहीं दिखा पाए। होप के अलावा कप्तान जैसन होल्डर ने भी अर्द्धशतक जमाया लेकिन फिर टीम 15 रन से हार गई। वेस्टइंडीज को अगर इंग्लैंड को चुनौती देनी है तो गेल, शिमरॉन हेतमायर और निकोलस पूरन जैसे बल्लेबाजों को भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा।