इंग्लैंड ने सुधार के क्रम में सबसे ज्यादा ध्यान बल्लेबाजी पर दिया जिससे शीर्ष 7 में उसके पास जेसन रॉय, जॉनी बेयरस्टो, जो रूट और इयोन मोर्गन और जोस बटलर के रूप में ऐसे खिलाड़ी हैं जो पलक झपकते ही एक पारी का रूख बदल सकते हैं।
'हम किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं'
इंग्लैंड के लेग स्पिनर आदिल राशिद ने कहा, 'इस टीम का हिस्सा होना अद्भुत अहसास है क्योंकि आपके चारों ओर विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं और प्रतिद्वंद्वी भले ही 370 के करीब स्कोर बना दें लेकिन ड्रेसिंग रूम में सभी आत्मविश्वास से भरे होते हैं कि हम इस लक्ष्य का पीछा कर सकते हैं।'
उन्होंने कहा, 'किसी के अंदर कोई हिचकिचाहट नहीं है। हम सभी आत्मविश्वास से भरे रहते हैं कि हम ऐसा कर सकते हैं। हम पिछले चार वर्षों में जो कुछ कर रहे हैं, उसी पर अडिग रहेंगे। उम्मीद करते हैं कि यह विश्व कप हमारे लिए अच्छा रहेगा।'
वहीं दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका ने विश्व कप में काफी निराशा झेली है लेकिन चार साल तक सेमीफाइनल में हारने से वे इस बार सतर्क होकर मैदान में उतरेंगे। दक्षिण अफ्रीका के कोच ओटिस गिब्सन मानते हैं कि सारा दबाव मेजबान देश पर है।
उन्होंने कहा, 'मेजबानों के खिलाफ खेलना और वो भी नंबर एक टीम के खिलाफ, टूर्नामेंट की बेहतर शुरूआत होगी क्योंकि इससे हमें पता चल जाएगा कि हम कैसे हैं और हमें आगे क्या करने की जरूरत है।'
वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज गिब्सन ने कहा, 'लेकिन टूर्नामेंट जीतने के लिए आपको नंबर एक टीम होने की जरूरत नहीं है और कभी-कभार आप टूर्नामेंट जीत सकते हो और आप नंबर एक टीम भी नहीं होते।'
डि कॉक के रूप में प्रतिभाशली धुरंधर मौजूद है मेहमान दक्षिण अफ्रीकी टीम में
कप्तान फाफ डु प्लेसिस की दक्षिण अफ्रीकी टीम में संन्यास ले चुके स्टार बल्लेबाज एबी डीविलियर्स मौजूद नहीं है लेकिन शीर्ष क्रम में उनके पास क्विंटन डि कॉक जैसा प्रतिभाशाली धुरंधर मौजूद है।
दक्षिण अफ्रीका को नहीं मिलेगी स्टेन की सेवाएं
गुरूवार को होने वाले मुकाबले में उनके पास डेल स्टेन भी नहीं होंगे क्योंकि वह कंधे की चोट से उबर रहे हैं लेकिन दक्षिण अफ्रीकी टीम हाल के दिनों में उनकी अनुपस्थति की आदी हो गई है।
वहीं इस मैच से पहले सबसे अहम चीज उनके लिए तेज गेंदबाज कगीसो रबाडा का फिट होना है जो पीठ की चोट से परेशान थे।
इंग्लैंडः जेसन रॉय, जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), जो रूट, इयोन मॉर्गन (कप्तान), जोस बटलर, बेन स्टोक्स, मोइन अली, आदिल राशिद, जोफ्रा आर्चर, लियाम प्लंकेट, जेम्स विंस और क्रिस वोक्स।
दक्षिण अफ्रीकाः हाशिम अमला, क्विंटन डी कोक (विकेटकीपर), फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), एडेन मार्करम, जेपी डुमिनी, डेविड मिलर, क्रिस मोरिस, इमरान ताहिर, तबरेज शम्सी, कगिसो रबाडा और लुंगी एंन्गिडी।