दूसरी ओर न्यूजीलैंड के पास केन विलियमसन के रूप में 'कूल' कप्तान है जो समय-समय पर उनके लिए संकटमोचक भी साबित हुआ है। सेमीफाइनल में भारत को हराने के बाद उनके हौसले बुलंद होंगे।
जॉनी बेयरस्टो, जेसन रॉय, जो रूट, जोस बटलर और बेन स्टोक्स जैसे सितारों से सजी इंग्लैंड टीम लॉडर्स पर प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी। इंग्लैंड के 'फैब फाइव' यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि 1979, 1987 और 1992 के बाद अब वे खिताब से नहीं चूकने पाए।
सबसे पहले 1979 में इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ फाइनल खेला। इसके बाद 1987 में ईडन गार्डन पर फाइनल में एलन बॉर्डर की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने उन्हें हराया। उस मैच में माइक गैटिंग ने बेहद खराब रिवर्स स्वीप खेला था। आखिरी बार 1992 में इमरान खान की पाकिस्तानी टीम ने इंग्लैंड को हराया।
इस बार रॉय (426 रन) और बेयरस्टो (496 रन) शानदार फॉर्म में हैं और हर गेंदबाज की धज्जियां उड़ाई है। ट्रेंट बोल्ट और मैट हेनरी उनके बल्लों पर किस तरह अंकुश लगाते हैं ,यह देखना रोचक होगा।
जो रूट (549) ने मध्यक्रम को स्थिरता दी है जबकि स्टोक्स टीम को संतुलन देते हैं। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर (19 विकेट), क्रिस वोक्स (13 विकेट) और लियाम प्लंकेट (आठ विकेट) शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
कीवी टीम के 6 खिलाड़ी पिछली बार के विश्व कप फाइनल में खेल चुके हैं
न्यूजीलैंड की टीम में छह खिलाड़ी ऐसे हैं जो पिछली बार विश्व कप फाइनल खेल चुके हैं। विलियमसन 548 रन बना चुके हैं जबकि रॉस टेलर ने 335 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में मिशेल सेंटनर, जिमी नीशम, कोलिन डी ग्रैंडहोम भरोसेमंद साबित हुए हैं।
इंग्लैंड : इयोन मोर्गन (कप्तान), मोइन अली, जोफ्रा आर्चर, जानी बेयरस्टो, जोस बटलर, टॉम कर्रन, लियाम डॉसन,लियाम प्लंकेट, आदिल राशिद, जो रूट, जेसन रॉय, बेन स्टोक्स, जेम्स विंस, क्रिस वोक्स, मार्क वुड ।
न्यूजीलैंड : केन विलियमसन (कप्तान), मार्टिन गुप्टिल, कॉलिन मुनरो, रॉस टेलर, टॉम लैथम, टॉम ब्लंडेल, कोलिन डी ग्रैंडहोम, जिमी नीशम, ट्रेंट बोल्ट, लोकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, मिशेल सेंटनर, हेनरी निकोल्स, टिम साउदी, ईश सोढी।