इंग्लैंड की सबसे उम्रदराज पूर्व महिला क्रिकेटर एलीन एश ने रविवार को लॉर्ड्स स्टेडियम में बेल बजाकर 2017 महिला वर्ल्ड कप के फाइनल की औपचारिक शुरुआत की। एश ने खेल शुरू होने से पांच मिनट पहले बेल बजाई।
विश्व युद्ध से पहले और बाद में इंग्लैंड के लिए 7 टेस्ट मैच खेलने वाली 105 वर्षीया एलीन ने बेल बजाकर भारत और इंग्लैंड के बीच फाइनल मैच शुरू करने का संकेत दिया। उत्तरी लंदन में जन्मी एलीन ने इंग्लैंड की तरफ से 1937 में नॉर्थेम्पटन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने बतौर तेज गेंदबाज अपने करियर की शुरुआत की और उस गर्मी में तीन टेस्ट खेलते हुए 10 विकेट चटकाए थे।
इसके बाद 12 साल तक वो इंग्लैंड के लिए खेलती हुई नजर नहीं आई। हालांकि बाद में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर जाकर चार टेस्ट और खेले।
कब शुरू हुई बेल बजाने की परंपरा
स्वर्गीय रशेल हेनो
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2011 में एलीन 100वां जन्मदिन बनाने वाली पहली टेस्ट खिलाड़ी बनी और उसी वर्ष उन्हें एमसीसी ने मानद सदस्यता के खिताब से नवाजा। वैसे आपको बता दें कि एलीन लॉर्ड्स में खेल शुरू होने से पहले रिंग बजाकर संकेत देने वाली पहली महिला क्रिकेटर नहीं हैं। इससे पहले क्लेयर कॉनर, चार्लोट एडवर्ड्स और क्लेयर टेलर भी ऐसा कर चुकी हैं।
बता दें कि 2007 से खेल में पांच मिनट रिंग बजाने की परंपरा शुरू हुई, जिसे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर, प्रशासक और खेल के जानकर बजाते हैं। इस नियम को काफी लोकप्रियता मिल चुकी है। ये बेल लॉर्ड्स के पवेलियन के बॉलर्स बार के बहार लगी हुई है। रिंग बजाने से खेल शुरू करने का संकेत दिया जाता है। मैच के लिए जिसे भी रिंग बजाने के लिए आमंत्रित किया जाता है, उसे काफी सम्मानित माना जाता है।