इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक भारतीय गेंदबाजों के लिए ऐसी दीवार बन गए हैं जिसे भेदना उनके लिए असंभव बनता जा रहा है। तीसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन कुक ने बेअसर भारतीय गेंदबाजों की जमकर क्लास लेते हुए सीरीज का तीसरा और कैरियर का रिकॉर्ड 23वां शतक जड़ा। इस शतक से कुक इंग्लैंड की ओर से सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। बतौर कप्तान पांच टेस्ट मैचों में उनका यह पांचवां शतक है। इस दौरान उन्होंने सात हजार रन का आंकड़ा भी पार किया। वह सात हजार रन बनाने वाले विश्व के सबसे युवा बल्लेबाज बने।
उनकी इस नाबाद पारी ने इंग्लैंड को उस स्थिति में पहुंचा दिया है कि यदि अब वह वह कोई बड़ी गलती न करें तो ईडन गार्डंस की जंग उसके नाम हो सकती है। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में भारत के 316 रन के जवाब में एक विकेट पर 216 रन बना लिए थे। इंग्लैंड टीम अब सिर्फ 100 रन पीछे है और उसके नौ विकेट शेष हैं। कुक 236 गेंद में 19 चौके और एक छक्के के साथ 136 और जोनाथन ट्रोट 67 गेंद में तीन चौकों के साथ 21 रन बनाकर क्रीज पर टिके थे। भारत को दूसरे दिन लंच के बाद कुक को जीवनदान देने का भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मीडियम पेसर जहीर खान की गेंद पर स्लिप में कुक का कैच चेतेश्वर पुजारा के हाथों से निकल गया। उस समय कुक 17 रन बनाकर खेल रहे थे। सुबह, सात विकेट पर 273 रन से आगे खेलने उतरी भारतीय टीम 43 रन और जोड़कर पेवेलियन लौट गई। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 114 गेंदों में पांच चौके और दो छक्कों के साथ 52 रन की पारी खेली। इंग्लैंड के लिए स्पिनर मोंटी पनेसर ने चार और पेसर जेम्स एंडरसन ने तीन विकेट चटकाए।
इससे पहले, कुक ने पहले विकेट के लिए निक कॉम्प्टन के साथ 165 रन की बेजोड़ साझेदारी निभाई। कुक बतौर कप्तान भारत में सर्वाधिक (493*) रन बनाने इंग्लिश बल्लेबाज बने। उन्होंने 51 साल पुराना टेड डेक्सटर का रिकॉर्ड तोड़ा। स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने कॉम्प्टन को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। कॉम्प्टन ने 137 गेंद में छह चौकों और एक छक्के के साथ 57 रन बनाए।