इंग्लैंड की पुरुष क्रिकेट टीम एक बार फिर मैदान के बाहर की गतिविधियों और शराब से जुड़े विवादों के कारण सवालों के घेरे में है। तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स से जुड़ी नाइटक्लब घटना ने टीम की अनुशासन व्यवस्था और खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर बहस फिर तेज कर दी है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब इंग्लैंड के नवनियुक्त टेस्ट कप्तान जो रूट ने खिलाड़ियों से मैदान के बाहर अपनी जिम्मेदारियों को समझने और किसी भी तरह के विवाद से बचने की अपील की थी।
नाइटक्लब के बाहर हथकड़ी में दिखे कार्स
- ब्रायडन कार्स 31 साल के तेज गेंदबाज हैं और हाल के वर्षों में इंग्लैंड के सफल खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।
- शनिवार को उनकी काउंटी टीम डरहम ने डर्बीशायर के खिलाफ जीत दर्ज की थी।
- इसके बाद कार्स रात में बाहर गए।
- रविवार तड़के नाइटक्लब के बाहर कार्स को पुलिस अधिकारियों से घिरा और हथकड़ी में देखा गया।
- ब्रिटेन की प्रेस एसोसिएशन के मुताबिक, उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था। कार्स के साथ इंग्लैंड के गेंदबाज मैथ्यू पॉट्स भी मौजूद थे।
- सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स को भी कार्स को हथकड़ी में देखे जाते हुए दिखाया गया।
- घटना की जांच जारी रहने के कारण कार्स को पाकिस्तान के खिलाफ गुरुवार से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम से बाहर कर दिया गया है।
रूट की अपील के कुछ ही दिन बाद विवाद
कार्स का मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कुछ दिन पहले जो रूट ने इंग्लैंड के खिलाड़ियों को मैदान के बाहर अपने व्यवहार को लेकर चेताया था। इंग्लैंड की टीम में देर रात तक बाहर रहने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। टीम पर लगाया गया आधी रात का कर्फ्यू हाल ही में हटा दिया गया था। रूट ने कहा था कि खिलाड़ी वयस्क हैं और उन्हें पता होना चाहिए कि इंग्लैंड के लिए खेलने के साथ उनकी क्या जिम्मेदारियां जुड़ी हैं। लेकिन कार्स की घटना ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि क्या सिर्फ खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर भरोसा करना पर्याप्त है।
बेन ब्रुक: क्लब के बाहर विवाद
इंग्लैंड के खिलाड़ियों से जुड़े देर रात के विवादों का सिलसिला पिछले साल न्यूजीलैंड दौरे से ही चर्चा में है। अक्तूबर में तीसरे वनडे से एक दिन पहले कप्तान हैरी ब्रुक को वेलिंगटन के एक क्लब में प्रवेश से रोके जाने के बाद बाउंसर ने कथित तौर पर मारा था। उस रात उनके साथ जैकब बेथेल और जोश टंग भी मौजूद थे।
ब्रुक पर करीब 30,000 पाउंड (लगभग 40,300 डॉलर) का जुर्माना लगाया गया और उन्हें भविष्य के आचरण को लेकर अंतिम चेतावनी दी गई थी। हालांकि, इन प्रतिबंधों की जानकारी कई महीने बाद सार्वजनिक हुई। ब्रुक ने बाद में अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी और माना कि उनके आचरण से इंग्लैंड टीम को शर्मिंदगी हुई।
एशेज के दौरान बेन डकेट का विवाद
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज के दौरान बल्लेबाज बेन डकेट का मामला सामने आया। दूसरे और तीसरे टेस्ट के बीच इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के सनशाइन कोस्ट स्थित नोसा गई थी। वहां एक रात बाहर निकलने के दौरान डकेट का वीडियो सामने आया, जिसमें वह असमंजस की स्थिति में दिखाई दिए और लोगों से यह कहते सुने गए कि उन्हें अपने होटल वापस जाने का रास्ता याद नहीं है। डकेट ने बाद में घटना के लिए माफी मांगी और इसे गैर-पेशेवर बताया। इंग्लैंड के पुरुष क्रिकेट के प्रबंध निदेशक रॉब की ने इसके बाद टीम के खिलाड़ियों की शराब पीने की आदतों की समीक्षा करने की बात कही।
लॉर्ड्स की रात और स्टोक्स का संन्यास
इंग्लैंड की शराब और देर रात की पार्टियों से जुड़ी बहस का सबसे बड़ा विवाद जून में सामने आया। न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में पहला टेस्ट जीतने के बाद बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन रात में बाहर गए। इसी दौरान इंग्लैंड के सुरक्षा दल के एक सदस्य से जुड़ी कथित मारपीट की घटना सामने आई। स्टोक्स और एटकिंसन को जांच के कारण दूसरे टेस्ट से बाहर रखा गया। बाद की जांच में हालांकि किसी “नियामकीय उल्लंघन” की पुष्टि नहीं हुई।
इसके बाद स्टोक्स ने तीसरे टेस्ट के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा था कि पिछले कुछ महीने उन पर काफी भारी पड़े हैं। इसके बाद टेस्ट कोच ब्रेंडन मैकुलम को भी पद से हटा दिया गया और रॉब की ने बताया कि इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड टीम पर शराब से जुड़ा प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।
क्या इंग्लिश क्रिकेट को सांस्कृतिक बदलाव की जरूरत है?
- इंग्लैंड क्रिकेट में मैच के बाद खिलाड़ियों का साथ बैठकर बीयर पीना पुरानी परंपरा है। लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह परंपरा आधुनिक पेशेवर क्रिकेट के माहौल से टकरा रही है।
- पूर्व इंग्लैंड कप्तान एलिस्टेयर कुक ने कहा कि खिलाड़ियों को समझदारी दिखानी चाहिए। उनके मुताबिक, अगर टीम को रात में बाहर रहकर जश्न मनाना है तो खिलाड़ियों को ऐसी जगह चुननी चाहिए जहां विवाद की आशंका कम हो और देर रात स्थिति बिगड़ने से पहले स्थान बदल लेना चाहिए।
- दरअसल, सवाल सिर्फ शराब पीने का नहीं है। असली मुद्दा यह है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अपनी सार्वजनिक जिम्मेदारियों और पेशेवर छवि को किस तरह संभालते हैं।
टीम के सामने अब बड़ी चुनौती
- ब्रायडन कार्स से जुड़ी घटना ने इंग्लैंड क्रिकेट के सामने एक बार फिर वही सवाल खड़ा कर दिया है, क्या टीम को शराब और देर रात की पार्टियों को लेकर सख्त नियम बनाने चाहिए, या खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए खुद सीमाएं तय करनी चाहिए?
- लगातार सामने आ रहे विवादों के बीच इंग्लैंड क्रिकेट के लिए यह सिर्फ अनुशासन का मामला नहीं, बल्कि टीम की सार्वजनिक छवि और पेशेवर संस्कृति का भी सवाल बन चुका है। आने वाले दिनों में इंग्लैंड क्रिकेट रेगुलेटर की जांच और बोर्ड के फैसले यह तय कर सकते हैं कि टीम अपनी ऑफ-फील्ड संस्कृति में कितना बड़ा बदलाव करती है।