इंग्लैंड को 4-0 हराने का टीम इंडिया का अभियान वानखेड़े स्टेडियम में धराशायी हो गया। कप्तान एलिस्टर कुक की टीम ने भारत को सभी मोर्चों पर पछाड़ते हुए दूसरे टेस्ट में 10 विकेट से जीत हासिल की।
दिलचस्प यह रहा कि वानखेड़े की जिस स्पिन विकेट को टीम इंडिया अपने लिए वरदान मान रही थी, वही विकेट धोनी के बल्लेबाजों के लिए भस्मासुर साबित हुई।
मोंटी पनेसर और ग्रीम स्वान की फिरकी के आगे एक भी बल्लेबाज टिक न सका और इंग्लैंड ने सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली।
चौथी पारी में भारत द्वारा दिए गए 57 रन के लक्ष्य को इंग्लैंड ने आसानी से बना लिया। मेहमानों की ओर से सलामी बल्लेबाज निक कांपटन ने 30 और एलिस्टर कुक ने 18 रन बनाए। 10 रन अतिरक्त बने।
कप्तान धोनी ने चौथी पारी में अपने तीनों स्पिनरों का इस्तेमाल किया लेकिन ये इंग्लैंड का एक भी विकेट नहीं गिरा पाए।
इससे पहले भारत की पारी आज 142 रन पर सिमट गई। कल के 7 विकेट पर 117 रनों से आगे खेलने उतरी टीम इंडिया की ओर से आज टिक कर खेलने की जरा भी कोशिश नहीं की गई।
हरभजन सिंह स्वान की एक गेंद पर चकमा खा गए और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में ट्रॉट के हाथों में समा गई। उन्होंने 5 गेंदों पर 6 रन बनाए।
जहीर खान मोंटी पनेसर के गेंद पर विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों लपके गए। जहीर 12 गेंदों पर 1 रन ही बना सके। सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर आखिरी विकेट के रूप में आउट हुए। 65 रन के स्कोर पर उन्हें स्वान ने पगबाधा किया। प्रज्ञान ओझा नाबाद रहे।
इंग्लैंड की ओर से पनेसर ने 6 विकेट अपने नाम किए, जबकि स्वान ने 4 विकेट झटके। पनेसर ने इस मैच मे 11 विकेट लिए। केविन पीटरसन को 186 रनों की शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।