महिला विश्व कप के सेमीफाइनल चरण की शुरुआत बुधवार से होगी। इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले नॉकआउट मुकाबला गुवाहाटी में खेला जाएगा। लीग चरण में कुछ करीबी जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम को अगर चार बार की चैंपियन इंग्लैंड के सामने कड़ी चुनौती पेश करनी है, तो उसके बल्लेबाजों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा। लीग चरण में दक्षिण अफ्रीका को जिन दो मैचों में हार झेलनी पड़ी, दोनों में उसकी बल्लेबाजी बुरी तरह नाकाम रही।
स्पिन की चुनौती से पाना होगा पार
इन दोनों मौकों पर उसकी बल्लेबाजी स्पिन के सामने बिखर गई। पहले मैच में सिर्फ 69 रन पर आउट होने के बाद टीम ने शानदार वापसी की और न्यूजीलैंड, भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका तथा पाकिस्तान के खिलाफ करीबी जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालांकि स्पिन के खिलाफ उसकी कमजोरी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम लीग मैच में फिर सामने आई, जब टीम केवल 24 ओवरों में 97 रन पर ढेर हो गई।
इंग्लैंड निश्चित रूप से इस कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश करेगा। वह दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को रोकने के लिए अपनी स्पिन तिकड़ी, सोफी एक्लेस्टोन, लिंसे स्मिथ और चार्ली डीन पर भरोसा करेगा, साथ ही अपनी ऑलराउंड ताकत का भी इस्तेमाल करेगा। तेज गेंदबाज लॉरेन बेल को शुरुआती ओवरों में दबाव बनाना होगा, जबकि एलिस कैप्सी अब तक शानदार लय में हैं और टूर्नामेंट में पाँच विकेट ले चुकी हैं।
ब्रिट्स पर रहेंगी नजरें
इंग्लैंड को इस मैदान से भी आत्मविश्वास मिलेगा, क्योंकि उसने लीग चरण में यहीं दक्षिण अफ्रीका को 10 विकेट से हराया था। दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लाउरा वोल्वार्ड्ट अब तक सात मैचों में 50.16 की औसत से 301 रन बना चुकी हैं। लेकिन उन्हें छोड़कर बाकी बल्लेबाजों का प्रदर्शन अस्थिर रहा है। भारत के खिलाफ इंदौर में 101 रन की पारी खेलने वाली तजमिन ब्रिट्स उसके बाद तीन बार शून्य पर आउट हुई हैं। विश्व कप से पहले उन्होंने लगातार तीन शतक लगाए थे, इसलिए टीम को इस अहम मुकाबले में उनसे ठोस शुरुआत की उम्मीद होगी। सुने लुस (157 रन) और मारिजन कप (162 रन) भी निरंतर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं, जिससे टीम की बल्लेबाजी की समस्या और बढ़ गई है।
लीग चरण में दूसरे स्थान पर रही इंग्लैंड की टीम
इंग्लैंड की बात करें तो भारत से घरेलू सीरीज हारने के बाद उसने शानदार वापसी की। लीग चरण में उसे केवल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार मिली और वह 11 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि, कुछ मौकों पर इंग्लैंड की बल्लेबाजी भी दबाव में लड़खड़ाती दिखी। बांग्लादेश के खिलाफ उसकी चार विकेट की करीबी जीत और पाकिस्तान के खिलाफ बारिश से प्रभावित मैच ने टीम की कमजोरियों को उजागर किया। पाकिस्तान की तेज गेंदबाज फातिमा सना की इनस्विंगर के सामने इंग्लिश बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए थे।
हीथर नाइट (288 रन) और विकेटकीपर-बल्लेबाज एमी जोन्स (220 रन) मध्यक्रम में भरोसेमंद साबित हुई हैं, जबकि सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट (210 रन) का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कप्तान नैट सिवर-ब्रंट ने भी अच्छी पारियाँ खेली हैं, लेकिन एम्मा लैम्ब और सोफिया डंकले अभी तक कोई प्रभावी पारी नहीं खेल पाई हैं। दक्षिण अफ्रीका के पास मिश्रित गेंदबाजी आक्रमण है, लेकिन अगर पिच स्पिन के लिए मददगार रही, तो अब तक 11 विकेट लेने वाली नॉनकुलुलेको मलाबा अहम भूमिका निभा सकती हैं। दोनों टीमों की नजर आसमान पर भी होगी, क्योंकि पहले सेमीफाइनल के दिन गुवाहाटी में बारिश की संभावना जताई गई है।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11 इस प्रकार है
इंग्लैंड: एमी जोन्स (विकेटकीपर), टैमी ब्यूमोंट, हीथर नाइट, नैट सिवर-ब्रंट (कप्तान), सोफिया डंकले, डेनिएल व्याट-हॉज, एलिस कैप्सी, चार्ली डीन, सोफी एक्लेस्टोन, लिन्सी स्मिथ, लॉरेन बेल।
दक्षिण अफ्रीका: लाउरा वोल्वार्ड्ट (कप्तान), तजमिन ब्रिट्स, सुने लुस, एनेरी डर्कसन, मारिजन कप, सिनालो जाफ्टा (विकेटकीपर), क्लो ट्रायॉन, नादिन डी क्लार्क, मसाबाता क्लास, अयाबोंगा खाका, नॉनकुलुलेको मलाबा।