इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। स्टोक्स ने चार विकेट झटकते हुए टेस्ट क्रिकेट में 250 विकेट पूरे किए। इसके साथ ही उन्होंने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया।
स्टोक्स ने पलटा मैच का रुख
ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन स्टोक्स ने 21 ओवर में 70 रन देकर चार विकेट लिए। शुक्रवार सुबह उन्होंने महज आठ ओवर में 13 रन देकर तीन विकेट चटकाए और न्यूजीलैंड की मजबूत होती पारी को बिखेर दिया।न्यूजीलैंड ने पहले दिन 361/4 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया था, लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए पूरी टीम को 438 रन पर समेट दिया। एक समय टीम का स्कोर 361/2 था, लेकिन इसके बाद उसने अपने आखिरी आठ विकेट सिर्फ 77 रन जोड़कर गंवा दिए।
250 विकेट पूरे कर रचा इतिहास
स्टोक्स ने मिचेल सेंटनर को आउट कर अपने टेस्ट करियर का 250वां विकेट हासिल किया। इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में 7000 से अधिक रन और 250 विकेट लेने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि तक उनसे पहले केवल दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक्स कैलिस ही पहुंचे थे।
वापसी में दिखाया दम
स्टोक्स की यह शानदार वापसी इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्हें दूसरे टेस्ट से अनुशासनहीनता के चलते बाहर कर दिया गया था। पहले टेस्ट में जीत के बाद टीम कर्फ्यू तोड़कर देर रात तक बाहर रहने के कारण स्टोक्स और गस एटकिंसन को दूसरे मुकाबले से बाहर रखा गया था। वापसी करते ही स्टोक्स ने कप्तानी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर अपनी अहमियत साबित कर दी।
न्यूजीलैंड की पारी ऐसे सिमटी
न्यूजीलैंड के लिए डेवोन कॉनवे ने 157 और कप्तान टॉम लैथम ने 151 रन की शानदार पारियां खेलीं। दोनों ने पहले विकेट के लिए 317 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि इसके बाद इंग्लैंड ने जोरदार वापसी की। स्टोक्स ने डेरिल मिचेल, विल ओ'रूर्क और मिशेल सैंटनर के अहम विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया। दूसरी ओर शोएब बशीर ने दो विकेट लिए, जबकि जोफ्रा आर्चर ने अंतिम बल्लेबाज को आउट कर न्यूजीलैंड की पहली पारी का अंत किया।
मैच की स्थिति
तीन मैचों की टेस्ट सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। ऐसे में नॉटिंघम में खेला जा रहा तीसरा टेस्ट दोनों टीमों के लिए निर्णायक मुकाबला है। इंग्लैंड को अपने कप्तान बेन स्टोक्स से हरफनमौला प्रदर्शन की उम्मीद थी और उन्होंने शानदार गेंदबाजी से टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।