यह वह पल थे जब गौतम गंभीर को हर कोई उनके आगे के जीवन के लिए शुभकामनाएं देना चाहता था। चाहें दिल्ली की टीम हो या फिर आंध्र प्रदेश के क्रिकेटर या फिर डीडीसीए के पदाधिकारी हर कोई गौतम को उपहार दे रहा था और उनके साथ फोटो खिचा रहा था, लेकिन उन्हें फिरोजशाह कोटला के एक कोने में गौती-गौती चिल्ला रहे सैकड़ों की संख्या में मौजूद दर्शकों का ख्याल आया।