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एजुकेशन फॉर भारत महाकुंभ: सहवाग बोले- बच्चों को नाकामी संभालना सिखाएं, मैं टीम इंडिया से ड्रॉप हुआ, लेकिन...

Sat, 06 Dec 2025 12:22 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमर उजाला एजुकेशन फॉर भारत कॉन्क्लेव के तीसरे सत्र में सहवाग कॉन्क्लेव में चर्चा में जुड़े। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा...
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वीरेंद्र सहवाग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला एजुकेशन फॉर भारत कॉन्क्लेव का शनिवार को सुबह 11 बजे शुभारंभ हुआ। इसमें राजनीति और शिक्षाविद से जुड़े कई नामी हस्तियां शामिल हुईं। कॉन्क्लेव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नई शिक्षा नीति, स्किल्स और रोजगार समेत छात्रों के भविष्य से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हो रही है। इसी कड़ी में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर और धाकड़ बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने भी अपने विचार रखे और बताया कि वह अपने पिता के सपने को पूरा कर रहे हैं। आइए जानते हैं सहवाग ने क्या कहा....
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सहवाग बोले- मनु भाकर भी हमारे स्कूल से
अमर उजाला एजुकेशन फॉर भारत कॉन्क्लेव के तीसरे सत्र में सहवाग कॉन्क्लेव में चर्चा में जुड़े। उन्होंने कहा, 'बच्चा रह सके, पढ़ सके और खेल सके ऐसा पिता का सपना था। अब वो सपना पूरा हो सका है। विश्व कप जीतने के बाद सहवाग इंटरनेशनल स्कूल शुरू हुआ। कई बच्चों ने नाम किया है। मनु भाकर भी हमारे स्कूल से हैं। मैं अपने पिता का सपना पूरा कर रहा हूं। जरूरतमंद बच्चों को फ्री एजुकेशन दे रहा है सहवाग इंटरनेशनल स्कूल।'

'बच्चों को नाकामी संभालना सिखाएं'
सहवाग ने बताया, 'बच्चों से सफलता के बजाय स्किल्स पर बात करना जरूरी है। हमें ध्यान रखना होगा कि हम बच्चों को नाकामी को कैसे संभाला जाए, ये सिखाएं। मेरी कोशिश होती है कि मैं बच्चों के साथ अपने क्रिकेट स्किल्स को भी निखार सकूं। बच्चों को पढ़ना भी जरूरी है। इसलिए उनके लिए पहले सीखना जरूरी है। हम अपनी स्कूल में कोशिश करते हैं कि बच्चों को एक स्किल जरूर सीखाएं, जो उसके भविष्य में काम आएं। हम अपने स्कूल में बच्चों को असफलता को कैसे ले यह जरूर सिखाते हैं, क्यों कि क्रिकेट में हर कोई नहीं जा सकता है। हमने उनको सिखाने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। किताब और जीवन के अनुभव में फर्क होता है।'
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'मैं टीम इंडिया से ड्रॉप हुआ लेकिन...'
सहवाग ने कहा, 'मुझे खुद से काफी उम्मीदें हैं और मैं खुद की उम्मीदों पर ही काम करता हूं। अगर मैंने अपनी उम्मीदों से खुद को खुश कर दिया तो लोग अपने आप ही खुश हो जाएंगे। मैं क्रिकेट टीम से ड्रॉप हुआ था, लेकिन मैं निराश नहीं हुआ। यही सलाह मैं लोगों को भी देता हूं।'

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