जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) में धन गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2.6 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है।
जेकेसीए के पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा और वित्तीय समिति के सदस्य मीर मंसूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत संपत्ति अटैच करने का अंतरिम आदेश जारी किया गया था। इस मामले में ईडी जेकेसीए के पूर्व अध्यक्ष और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से भी पूछताछ कर चुकी है।
जांच एजेंसी ने शनिवार को बताया, नई दिल्ली के लाजपत नगर के जेएंडके बैंक में 1.29 करोड़ रुपये की तीन एफडीआर अटैच की गई हैं, जो मिर्जा और उनके पिता की कंपनी के नाम पर हैं। वहीं श्रीनगर के पांदेरथान में 11 कनाल जमीन और एक व्यावसायिक शॉपिंग कांप्लेक्स भी अटैच किया गया है। इसकी कीमत 1.31 करोड़ रुपये है।
ईडी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने चार्जशीट में फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद सलीम खान, मिर्जा, मीर मंसूर, बशीर अहमद मिसगर और गुलजार अहमद बेग के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। इन सभी पर जेकेसीए के 43.69 करोड़ रुपये के दुरुपयोग का आरोप था। यह राशि जेकेसीए को 2002 से 2011 के बीच बीसीसीआई से मिली थी।