क्रिकेटरों में संक्रमण फैलने के बाद 29वें मैच से आईपीएल को स्थगित किया गया, लेकिन कोरोना के ही डर को ढाल बनाकर शुरुआती मुकाबलों के बाद इस लीग में डोप टेस्टिंग बंद करा दी गई थी। क्रिकेटरों का सैंपल लेने की दोबारा कोशिशें भी हुईं, लेकिन इन्हें सिरे नहीं चढने दिया गया।
सूत्रों की मानें तो चेन्नई में हुए मुकाबलों के दौरान सैंपल लेने वाला डोप सैंपल कलेक्शन ऑफिसर (डीसीओ) संक्रमित पाया गया था। इसके बाद आयोजकों की ओर से से डोप टेस्टिंग तत्काल प्रभाव से बंद करा दी गई।
दलील दी गई कि इससे क्रिकेटरों में संक्रमण का खतरा हो सकता है, जबकि सारे डीसीओ खुद बायो सिक्योर बबल का हिस्सा थे। बाद में भी सैंपलिंग शुरू कराने की कोशिशें की गईं, लेकिन ये सिरे नहीं चढ़ सकीं।
बीसीसीआई और नाडा के बीच करार हुआ था कि लीग में 30 से 35 के बीच क्रिकेटरों के सैंपल लिए जाएंगे। इनमें भी ज्यादातर सैंपल लीग के सफल क्रिकेटरों के आउट ऑफ कंपटीशन होंगे, जबकि कुछ सैंपल मैचों के दौरान लिए जाएंगे।