उधर, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) की नैतिक इकाई ने कैमरन बेनक्रॉफ्ट से संपर्क किया है, जिससे कि यह पता चल सके कि इस क्रिकेटर के पास 2018 में विश्व क्रिकेट को झकझोरने वाले गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण के संदर्भ में कोई नई सूचना है या नहीं।
बेनक्रॉफ्ट ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में यह कहकर नया तूफान ला दिया है कि उस घटना के बारे में और अधिक गेंदबाजों को जानकारी थी। इस घटना के बाद तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ और उप कप्तान डेविड वार्नर पर एक-एक साल का प्रतिबंध लगाया गया था। बेनक्रॉफ्ट के पास रेगमाल मिला था और केपटाउन टेस्ट में गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण में भूमिका के लिए उन्हें नौ महीने के लिए निलंबित किया गया था।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीमों के प्रमुख बेन ओलिवर रे सोमवार को कहा कि रेबेका मरे की अगुआई वाली नैतिक इकाई ने बेनक्राफ्ट से संपर्क किया है कि क्या वह अपने पूर्व के बयान में कुछ और जोड़ना चाहते हैं। 'ईएसपीएनक्रिकइंफो' ने ओलिवर के हवाले से कहा, 'बेशक उस घटना की विस्तृत जांच हुई थी। इसके बाद कार्रवाई की गई थी।'
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हमने हर समय यही रुख अपनाया कि अगर किसी के पास उस घटना के संदर्भ में कोई नई सूचना है तो हम लोगों को आगे आने और नैतिक इकाई के साथ इस पर बात करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।'
ओलिवर ने कहा, 'हमारी नैतिक इकाई ने कैमरन से दोबारा बात करते हुए उन्हें आमंत्रित किया है कि अगर उसके पास कोई नई सूचना है तो बताए। हम इस पर उसके जवाब का इंतजार करेंगे, हमें अब तक जवाब नहीं मिला है।'
बता दें कि वर्ष 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कैमरन बैनक्रॉफ्ट गेंद से छेड़छाड़ करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे, जिसके बाद तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और बैनक्रॉफ्ट पर बैन लगा दिया गया था। वॉर्नर और स्टीव ने एक साल की सजा काटने के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में तो वापसी कर ली, लेकिन नौ महीने की सजा काटने के बाद बेनक्रॉफ्ट अपने खोए हुए रुतबे को हासिल करने की कोशिश में लगे हुए हैं।