एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में विराट कोहली ने भारत के लिए पारी की शुरुआत की और नाबाद 122 रन बनाए। उनकी यह पारी 12 चौकों और छह छक्कों से सजी थी। टीम इंडिया ने इस मैच में 212 रन का विशाल स्कोर बनाया और मुकाबला 101 रन से अपने नाम किया। टी20 में पारी की शुरुआत करते हुए यह कोहली का छठा शतक था। आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को मिलाकर विराट ने टी20 में कुल छह शतक लगाए हैं और सभी पारी की शुरुआत करते हुए ही आए हैं। इसके बाद मांग उठने लगी है कि भारत के लिए भी विराट को नियमित रूप से पारी की शुरुआत करनी चाहिए।
अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में भारतीय टीम की कमान संभालने वाले लोकेश राहुल से जब यही सवाल किया गया तो वह नाराज हो गए। उन्होंने पत्रकार से अल्टा सवाल किया कि तो क्या मैं खुद बैठ जाऊं। कोहली अगर पारी का आगाज करते हैं तो इसका मतलब होगा कि राहुल को बाहर बैठना पड़ेगा जिनके टी20 में बल्लेबाजी के रवैये लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कोहली को पारी की शुरुआत करने की जरूरत नहीं
भारतीय उप कप्तान का मानना है कि कोहली को बड़े स्कोर बनाने के लिए पारी का आगाज करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा ‘‘अगर आप दो-तीन अच्छी पारियां खेलते हैं तो आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने जिस तरह से पारी खेली मैं उससे वास्तव में बहुत खुश हूं। आप सभी विराट कोहली को जानते हैं। आप वर्षों से उन्हें खेलते हुए देख रहे हैं। ऐसा नहीं है कि उन्होंने पारी की शुरुआत करते हुए शतक जड़े हों। यदि वह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं तो तब भी शतक जड़ सकते हैं। यह भूमिकाओं से जुड़ा है और प्रत्येक खिलाड़ी की अपनी भूमिका होती है।’’
लेकिन इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि जब टीम का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रन बनाता है तो उससे टीम का भी मनोबल बढ़ता है। राहुल ने कहा ‘‘निश्चित तौर पर विराट का लंबी पारियां खेलना टीम के लिए बहुत फायदे वाला है और जिस तरह से उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी पारी खेली मुझे लगता है कि उससे वह बहुत खुश होंगे। वह अपने खेल पर काम कर रहे थे और आज उन्हें इसका फायदा मिला। एक टीम के तौर पर प्रत्येक खिलाड़ी का क्रीज पर समय बिताना महत्वपूर्ण है।’’
शतक से विराट का आत्मविश्वास बढ़ा होगा
राहुल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद कोहली ने पहले की तरह कड़ी मेहनत जारी रखी और अपना रवैया नहीं बदला। उन्होंने कहा ‘‘निश्चित रूप से विराट का शतक और उनका जश्न मनाना राहत पहुंचाने वाला था। उनकी मानसिक स्थिति, रवैया या काम करने का तरीका नहीं बदला था। वह जिस तरह से मैच की तैयारियां करते थे उसमें किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ था। उन्होंने आज जिस तरह की पारी खेली उससे ड्रेसिंग रूम में किसी को हैरानी नहीं हुई। मुझे पूरा विश्वास है कि इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा होगा।’’