आतिशी शॉटों ने कराया धोनी का चयन
धोनी को 21 साल की उम्र में टीआरडीडब्ल्यू योजना में शामिल किया गया था जबकि इसके लिए 19 साल की उम्र निर्धारित थी। वेंगसरकर ने बताया कि बंगाल के पूर्व कप्तान प्रकाश पोद्दार जमशेदपुर में एक अंडर-19 मैच देखने गए थे। कीनन स्टेडियम में बिहार की टीम वनडे मैच खेल रही थी और गेंद बार-बार स्टेडियम के बाहर आ रही थी। पोद्दार को उत्सुकता हुई कि इतनी दूर गेंद को कौन मार रहा है। जानकारी लेने पर धोनी के बारे में पता चला। पोद्दार के कहने पर धोनी को टीआरडीडब्ल्यू कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया।’
एनसीए बन गया पुनर्वास केंद्र
टीआरडीडब्ल्यू को पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने शुरू किया था। डालमिया के चुनाव हारने के बाद हालांकि इसे बंद कर दिया गया। उन्होंने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) की मौजूदा स्थिति पर निराशा जताते हुए कहा कि यह प्रतिभा निखारने के बजाय खिलाडियों का रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) का केंद्र बनता जा रहा है।