भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने कहा है कि 11 साल तक राजस्थान रॉयल्स के साथ रहने के बाद फ्रेंचाइजी छोड़ना उनके करियर का सबसे बड़ा जोखिम था। हालांकि, चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) से जुड़ने के बाद उन्हें अपने खेल में नई ऊर्जा और नई शुरुआत का एहसास हुआ। जियोस्टार के कार्यक्रम 'सुपरस्टार्स' में सैमसन ने अपने इस फैसले और आईपीएल 2026 के अनुभवों को विस्तार से साझा किया।
परिवार से लंबी चर्चा के बाद लिया फैसला
सैमसन ने बताया कि उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि आईपीएल 2025 उनका राजस्थान रॉयल्स के साथ आखिरी सीजन होगा। इस फैसले से पहले उन्होंने अपने परिवार और पत्नी के साथ दो से तीन सप्ताह तक लगातार चर्चा की।उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा खुद पर भरोसा रखता हूं। मुझे लगता है कि मैं शून्य से भी शुरुआत कर सकता हूं। कई लोगों ने कहा कि चेपॉक की धीमी पिच पर मेरी बल्लेबाजी नहीं चलेगी, लेकिन मैंने खुद से कहा कि अब 30 साल का हो चुका हूं, इसलिए नई चुनौती स्वीकार करनी चाहिए।'
सीएसके में शुरुआत खराब रही, लेकिन टीम ने नहीं छोड़ा साथ
टी20 विश्व कप 2026 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद भी सैमसन आईपीएल में अच्छी शुरुआत नहीं कर सके। पहले तीन मैचों में वह लगातार नाकाम रहे और टीम भी हार गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि सीएसके के कोच, कप्तान और टीम प्रबंधन का उन पर भरोसा बिल्कुल भी नहीं डगमगाया। उनके अनुसार, टी20 क्रिकेट में असफलता खेल का हिस्सा है और ऐसे समय में टीम का भरोसा किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी ताकत बन जाता है।
धोनी की एक सलाह ने बदल दी पूरा खेल
सैमसन ने बताया कि लगातार तीन मैचों में नाकाम रहने के बाद एमएस धोनी ने अभ्यास सत्र के दौरान उनसे सिर्फ एक छोटी-सी बात कही, जिसने उनका पूरा नजरिया बदल दिया। धोनी ने उनसे कहा, 'लेकिन' में मत फंसो। जो तुम सबसे अच्छा करते हो, वही करते रहो। सब ठीक हो जाएगा। सैमसन ने कहा कि इस सलाह ने उनका आत्मविश्वास लौटा दिया। उन्होंने अगले ही मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ शतक जड़ा और वहीं से उनका शानदार प्रदर्शन फिर शुरू हो गया।
सीएसके में कप्तानी की मांग नहीं की
राजस्थान रॉयल्स की पांच साल तक कप्तानी करने वाले सैमसन ने कहा कि उन्होंने चेन्नई में कभी कप्तानी की मांग नहीं की। उनके मुताबिक कप्तानी मांगी नहीं जाती, बल्कि जिम्मेदारी के तौर पर दी जाती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भी मालिक मनोज बडाले ने खुद उन्हें कप्तान बनाया था। वहीं सीएसके में वह ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार थे और यही बात उनके फैसले का अहम कारण भी थी।
भारतीय टीम में जगह मांगने में नहीं रखते विश्वास
राष्ट्रीय टीम में चयन को लेकर सैमसन ने कहा कि वह कभी किसी से टीम में शामिल करने की गुजारिश नहीं करते। उनका मानना है कि यदि भारतीय टीम को उनकी जरूरत होगी तो उन्हें खुद बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा, 'मैं अपना अभ्यास और तैयारी जारी रखता हूं। जब टीम को मेरी सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तभी मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी सामने आता है। यही चीज इस बार सीएसके और टी20 विश्व कप में भी देखने को मिली।' सैमसन ने कहा कि खिलाड़ी के लिए सबसे जरूरी है कि वह ऐसे माहौल में खेले जहां वह सहज महसूस करे और अपने खेल का पूरा आनंद उठा सके।