आईपीएल 2026 का सीजन खत्म होने से पहले लखनऊ सुपर जाएंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। लखनऊ के लिए यह सीजन अच्छा नहीं रहा था और टीम अंक तालिका में सबसे नीचे 10वें स्थान पर रही थी। फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी कि 10 टीमों की इस प्रतियोगिता में आखिरी स्थान पर रहने के बाद स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने कप्तानी छोड़ने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अब इस बारे में बड़ा दावा किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पंत ने अपनी मर्जी से कप्तानी नहीं छोड़ी थी।
क्या पंत को जबरन कप्तानी से हटाया गया?
पंत ने जब कप्तानी छोड़ी थी तो लखनऊ फ्रेंचाइजी की तरफ से बयान सामने आया था। इस बयान के अनुसार, पंत ने अपनी मर्जी से ऐसा किया। लेकिन अब रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 28 वर्षीय ऋषभ पंत ने खुद स्वेच्छा से कप्तानी नहीं छोड़ी थी, बल्कि लखनऊ मैनेजमेंट ने उन्हें पद से हटाया है। इस फैसले से आहत होकर पंत ने फ्रेंचाइजी छोड़ने का मन बना लिया, क्योंकि उन्हें वहां कमतर आंका जा रहा था।
दिल्ली कैपिटल्स में हो सकती है वापसी
इस बीच कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि ऋषभ पंत अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स में वापस लौट सकते हैं। इसके लिए एक ट्रेड डील पर बात चल रही है, जिसके तहत दिल्ली के स्पिनर कुलदीप यादव लखनऊ का हिस्सा बन सकते हैं। खबरों की मानें तो पंत दिल्ली में दोबारा शामिल होने के लिए अपनी सैलरी में कटौती कराने को भी तैयार हैं, जिसके साथ उन्होंने पहले आठ सीजन बिताए हैं।
लखनऊ के साथ कैसा रहा पंत का सफर?
लखनऊ सुपर जाएंट्स ने आईपीएल मेगा ऑक्शन में ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम देकर खरीदा था, जो आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी। हालांकि, यह महंगी साझेदारी सिर्फ दो सीजन में ही खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। पंत का सफर हालांकि, लखनऊ में उतार-चढ़ाव भरा और चुनौतीपूर्ण रहा। लखनऊ लगातार तीसरे साल प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही। पंत ने लखनऊ के लिए खेले 28 मैचों में 135.7 के स्ट्राइक रेट से कुल 581 रन बनाए।