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ये रहीं टेस्ट में धोनी की सबसे यादगार पारियां

Tue, 30 Dec 2014 06:41 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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टीम इंडिया के 'कैप्टन कूल' महेंद्र सिंह धोनी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। उन्होंने भारत के लिए कुल 90 टेस्ट मैच खेले। जिसमें 38 से ज्यादा के औसत से 4876 रन बनाए। टेस्ट में धोनी के नाम 6 शतक और 33 अर्धशतक शामिल हैं।
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एक विकेटकीपर के तौर पर धोनी ने 256 टेस्ट कैच लपके हैं जबकि 38 खिलाड़ियों को उन्होंने स्टंप आउट किया। यह किसी भी भारतीय विकेटकीपर से ज्यादा है। धोनी की कप्तानी में भारत पहली मर्तबा आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नम्बर वन पर पहुंचा। 2009 के बाद 18 महीने तक धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया टेस्ट की नंबर वन पर रही।

धोनी भारत के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा कप्तानी कर चुके हैं। उन्होंने 60 टेस्ट मैचों में भारत की अगुवाई की जिसमें भारत 27 टेस्ट मैच जीता, 18 मैच हारा और 15 मैच ड्रॉ रहे।
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आइए जानते हैं टेस्ट करियर में धोनी की कुछ यादगार पारियां।

लॉर्ड्स में दिखाया जलवा

2007 में लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में जब भारत की पारी लड़खड़ा गई थी। एक छोर पर वीवीएस लक्ष्मण डटे थे। लेकिन दूसरी छोर पर कोई भी बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पा रहा था।

ऐसे में विकेटकीपर धोनी आठवें नम्बर पर बै‌टिंग करने आए और लक्ष्मण के साथ भारतीय पारी को संभाला। धोनी ने लक्ष्मण का साथ निभाते हुए लड़खड़ाई भारतीय पारी को सहारा दिया। इस मैच में धोनी 76 रन पर नॉट आउट रहे।

धोनी की बदौलत भारत मैच को हार से ड्रॉ करने में कामयाब रही। धोनी आखिरी बल्लेबाज के साथ मैदान में नॉट आउट रहे।

दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्‍तान

2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में खेली गई महेंद्र सिंह धोनी की पारी को शायद ही कोई भूला होगा। इस मैच में धोनी ने नाराज भारतीय दर्शकों को अपनी पारी से मंत्रमुग्‍ध कर दिया था।

जब वह बल्लेबाजी करने मैदान में उतरे तो स्टेडियम में मौजूद दर्शक उनके पिछले खराब प्रदर्शन के चलते चिढ़े थे। लेकिन वे निराश नहीं हुए और शानदार दोहरा शतक जमाकर दर्शकों को अपना कायल बना दिया। इस मैच के साथ धोनी टेस्ट मैच में दोहरा शतक जमाने वाले पहले भारतीय कप्तान बने।

अपनी इस यादगार पारी में धोनी ने 24 चौके और 6 छक्के लगाए। नतीजन टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराया।

जब हाथ से फिसल रहे मैच का रुख पलट ‌दिया

धोनी की एक और यादगार पारी 2012 में नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई थी। सीरीज में भारत इंग्लैंड से 2-1 से पीछे चल रहा था। तीसरे मैच में इंग्लैंड ने भारत को 300 से ज्‍यादा रनों का लक्ष्य दिया।

जवाब में टीम इंडिया ने मात्र 71 रन पर ही 4 विकेट गंवा दिए थे। तब धोनी ने कप्तानी पारी खेलकर विराट कोहली के साथ टीम को संभाला। दोनों के बीच 198 रनों की साझेदारी हुई। टीम इंडिया मैच जीत तो नहीं पाई लेकिन ड्रॉ कराने में सफल रही।

इस मैच में धोनी शतक लगाने से मात्र एक रन से चूक गए। वे 99 के निजी स्कोर पर रन आउट हुए।

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जब पाकिस्तान को चटाई धूल

वैसे धोनी ने बतौर कप्तान पाकिस्तान को कई बार धूल चटाई है, लेकिन 2007 में दिल्ली में खेला गया टेस्ट मैच यादगार है। मैच भारत-पाकिस्तान का हो और दुनिया की नजरें मैच पर न टिकी हों, ऐसा हो ही नहीं सकता।

पूरा मैदान दर्शकों से खचा-खच भरा हुआ था। पहली पारी में 231 रनों का लक्ष्य देते हुए पाकिस्तानी गेंदबाजों ने 93 के स्कोर पर 5 भारतीय बल्लेबाजों को आउट कर दिया था। लेकिन महेंद्र ‌सिंह धोनी ने आकर ही मैच की बाजी भारत की ओर कर दी।

वीवीएस लक्ष्मण के साथ धोनी ने शानदार 115 रनों की साझेदारी निभाई। धोनी के 57 रनों की बदौलत टीम इंडिया पाकिस्तान पर 45 रनों की बढ़त लेने में कामयाब रही। यह मैच भारत जीत गया।
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