एडिलेड के बाद अब ब्रिसबेन टेस्ट में भी हार मिलने के बाद भारतीय टीम के जख्म हरे हो गए हैं। लेकिन इन सब के बीच कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की चोट और गहरी हैं। इस टेस्ट में अपने खराब प्रदर्शन से उन्होंने एक रिकॉर्ड बना दिया है।
विदेशी धरती में बतौर टेस्ट कप्तान धोनी आठवीं बार बिना खाता खोले आउट हुए हैं। ब्रिसबेन टेस्ट के दूसरी पारी में धोनी शून्य पर आउट हुए थे। इस पारी के साथ ही वे सबसे ज्यादा शून्य पर आउट होने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं। इससे पहले मैक पटौदी सात बार शून्य पर आउट हो चुके हैं।
हालांकि विदेशी धरती में टेस्ट में कप्तानी करते हुए धोनी सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले भारतीय कप्तान बन चुके हैं। इससे पहले सौरव गांगुली 28 टेस्ट मैचों में कप्तानी कर चुके हैं। ब्रिसबेन टेस्ट के साथ ही धोनी बतौर कप्तान 29 मैचों में भारतीय टीम की अगुवाई कर चुके हैं।
मार्श ब्रदर्श के नाम अनोखा रिकॉर्ड
ब्रिसबेन टेस्ट में रिकॉर्ड बनाने के मामले में ऑस्ट्रलिया भी पीछे नहीं है। ऑस्ट्रेलिया टीम की ओर से खेलते हुए शॉन मार्श और मिशेल मार्श ने भी रिकॉर्ड दर्ज किया है। दोनों भाई मिशेल और शॉन ने ब्रिसबेन में पहली बार एक साथ टेस्ट मैच खेला है। इस तरह ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते हुए यह भाईयों की पांचवी जोड़ी है।
इन दोनों से पहले डेव और नेड ग्रेगोरी, इयान और ग्रेग चैपल, स्टीव और मॉर्क वॉ और चार्ल्स और ऐलेक बैनरमैन भाईयों की जोड़ी अपने देश ऑस्ट्रेलिया के खेल चुकी है।
हैडिन ने भी बनाया रिकॉर्ड
ब्रिसबेन टेस्ट में न सिर्फ भारतीय टीम की हार बल्कि कई रिकॉर्ड भी दर्ज हुए। ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ब्रैड हैडिन सबसे सफल ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपरों मे जमात में शामिल हो गए हैं। हैडिन ने भारत के खिलाफ पहली पारी में विकेट के पीछे रहते हुए छह कैच लपके।
हैडिन के अलावा यह रिकॉर्ड वेली ग्राउट, रॉड मार्श और इयान हीली के नाम दर्ज है। हालांकि वरुण एरॉय का एक मुश्किल कैच छोड़ देने से वह अपने सातवें कैच से चूक गए।