भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन वन डे मैचों की श्रृंखला 12 मार्च से शुरू होने जा रही है, लेकिन बीसीसीआई ने अब तक भारत सरकार की ओर से कोरोना वायरस को लेकर जारी दिशा-निर्देशों पर कोई फैसला नहीं लिया है। जिसके चलते धर्मशाला प्रशासन की नींद उड़ी हुई है।
कोरोना वायरस को लेकर जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि भीड़ जुटाने से बचा जाए। डीसी राकेश कुमार प्रजापति ने इसी का हवाला देते हुए बोर्ड और एचपीसीए से कहा है कि अगर सरकार की एडवाइजरी के बावजूद मैच कराया जाता है तो कोरोना वायरस के फैलने के खतरे को रोकने की सारी जिम्मेदारी उन्हें उठाने होगी। भारत सरकार और डब्लूएचओ के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसकी रोकथाम के सारे इंतजाम उन्हें खुद करने होंगे। जिला प्रशासन का काम सिर्फ कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाकर रखना होगा। अगर मैच में भारी भीड़ जुटने के चलते कोरोना वायरस के फैलने का मामला सामने आता है तो इसकी सारी जिम्मेदारी मैच के आयोजकों की होगी। डीसी ने बोर्ड से यह भी स्पष्ट शब्दों में पूछा है कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए एचपीसीए अगर मैच को रद्द करता है तो उन्हें इस बारे में पहले सूचित किया जाए।
भारत सरकार की एडवाइजरी के बावजूद बीसीसीआई श्रृंखला आयोजित कराने जा रहा है। बोर्ड के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि उन्हें कांगड़ा के डीसी का कोरोना वायरस को लेकर पत्र मिला है, लेकिन श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसके लिए खास कदम उठाए जाएंगे। वहीं धर्मशाला के मैच के लिए पांच मार्च से ही टिकटों की बिक्री शुरू कर दी है। इसका मतलब साफ है कि श्रृंखला की शुरूआत खाली स्टेडियम में नहीं बल्कि दर्शकों से भरे स्टेडियम में होगी।