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Virat Kohli: डीजीएमओ ने कहा- विराट कोहली मेरे भी पसंदीदा; थॉमसन और लिली का उदाहरण देकर दुनिया को दी चेतावनी

Mon, 12 May 2025 02:54 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जेफ थॉमसन और डेनिस लिली ऑस्ट्रेलिया के दो महान गेंदबाज रहे हैं। इन्होंने अपनी गति से विपक्षी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया था। डीजीएमओ राजीव घई ने इनका उदाहरण देकर दुश्मनों को चेतावनी दी। इस दौरान उन्होंने विराट के टेस्ट संन्यास पर भी चर्चा की।
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विराट कोहली-राजीव घई - फोटो : ANI-PTI
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विस्तार
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भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने सोमवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी। दिग्गज खिलाड़ी के इस फैसले की चर्चा भारतीय डीजीएमओ राजीव घई ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान की। उन्होंने कहा कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। कई भारतीयों की तरह वो मेरे भी पसंदीदा हैं।
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आज होगी भारत-पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर की बैठक
भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम होने के बाद आज दोनों के बीच डीजीएमओ स्तर की बैठक होगी। इससे पहले तीनों सेनाओं के डीजीएमओ की प्रेस ब्रीफिंग हुई, जिसमें पाकिस्तान के साथ संघर्ष से जुड़ी अहम जानकारी साझा की गई। डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि 'जब पाकिस्तान ने हमारे एयर फील्ड में लगातार हमले किए, वो हमारे मजबूत एयर डिफेंस ग्रिड के सामने असफल हो गए। हमारा एयर डिफेंस इतना मजबूत था कि पाकिस्तान के पास कोई मौका नहीं था। जो दुर्दशा कल आपने पाकिस्तानी एयरफील्ड की देखी। वहीं हमारी सभी एयरफील्ड सही हैं। मैं अपनी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की भी तारीफ करना चाहता हूं। इन्होंने बहुत बहादुरी से हमारा साथ दिया। उनके काउंटर अलार्म सिस्टम भी हमारे एयर डिफेंस सिस्टम का हिस्सा थे, जिन्होंने पाकिस्तान के नापाक इरादों का विनाश किया।'



 

डेनिस लिली (सबसे बाएं)-जेफ थॉमसन (सबसे दाएं) - फोटो : Wisden.com
विराट के संन्यास पर क्या बोले डीजीएमओ?
भारतीय डीजीएमओ राजीव घई.ने कहा-  'मैं आपको इस उदाहरण के जरिये से एक ये एस्पेक्ट हाइलाइट करना चाहता हूं। जब मैं स्कूल में था तो तकरीबन तब ये 1970 का दशक था। उस समय इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच में एशेज सीरीज चल रही थी। आज शायद क्रिकेट की बात भी करनी चाहिए क्योंकि मैं देख रहा था कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। कई भारतीयों की तरह वह मेरे भी पसंदीदा क्रिकेटर हैं। तो 1970 के दशक में एशेज सीरीज चल रही थी। उस समय ऑस्ट्रेलिया के दो बहुत तेज गेंदबाज जिनका क्रिकेट के इतिहास में बहुत बड़ा नाम है- जेफ थॉमसन और डेनिस लिली। उन्होंने अंग्रेजी बल्लेबाजी और उनकी बल्लेबाजी लाइन अप को तहस नहस कर दिया था। ऑस्ट्रेलियाई ने उस समय एक कहावत निकाली थी- राख से राख और धूल से धूल तक अगर थॉमसन नहीं कर पाते हैं तो लिली जरूर कर देंगे।'
 

डीजीएमओ ने दी दुश्मनों को चेतावनी
राजीव घई ने पाकिस्तान के साथ-साथ दुनिया को चेतावनी देते हुए कहा- 'अगर आप इस लेयर को देखेंगे तो आप समझ जाएंगे कि मैं थॉमसन और लिली के उदाहरण से क्या कहने की कोशिश कर रहा हूं। तो अगर दुश्मन सारे सिस्टम्स को पार कर भी गए तो आपको फिर भी एयरफील्ड या फिर लॉजिस्टक इंस्टालेशंस या जो भी चीज को आप टारगेट कर रहे हैं, उसमें पहुंचने से पहले कोई न कोई लेयर्ड ग्रिड का सिस्टम जरूर गिरा देगा।'

कौन हैं जेफ थॉमसन?
जेफ थॉमसन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने 1972 से लेकर 1985 तक ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया। थॉमसन ने कंगारुओं के लिए 51 टेस्ट और 50 वनडे मैच खेले। टेस्ट में उन्होंने 28 की बेहतरीन औसत और 52.6 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 200 विकेट लिए। वहीं, वनडे में उन्होंने 35.30 की औसत और 49 के शानदार स्ट्राइक रेट से 55 विकेट लिए थे। टेस्ट में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 46 रन देकर छह विकेट है, जबकि वनडे में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 67 रन देकर चार विकेट है। 

कौन हैं डेनिस लिली?
वहीं, डेनिस लिली ने 1971 से लेकर 1984 तक ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधत्व किया। उन्होंने कंगारुओं के लिए 70 टेस्ट और 63 वनडे खेले। टेस्ट में उनके नाम 23.92 की बेहतरीन औसत और 52 के स्ट्राइक रेट से 355 विकेट लिए। वहीं, वनडे में उन्होंने 20.82 की बेहतरीन औसत और 34.8 के स्ट्राइक रेट से 103 विकेट लिए। टेस्ट की एक पारी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 83 रन देकर सात विकेट है, जबकि वनडे में 34 रन देकर पांच विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
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थॉमसन और लिली ने बरपाया था कहर
जेफ थॉमसन और डेनिस लिली के प्रभाव के बारे में आप इस बात से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि दोनों ने 1974 से लेकर 1985 तक इंग्लैंड के बल्लेबाजों को घुटने पर ला दिया था। थॉमसन ने इस दौरान एशेज में 20 मैचों में ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा 97 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 46 रन देकर छह विकेट रहा था। वहीं, लिली थॉमसन के बाद दूसरे नंबर पर रहे। उन्होंने इस दौरान एशेज में 17 टेस्ट में 89 विकेट लिए थे। लिली का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 89 रन देकर सात विकेट रहा था। थॉमसन को दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों में से भी एक माना जाता है।



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