किंग्स इलेवन पंजाब को मात देकर लगातार 11 हार का सिलसिला तोड़ने के बाद अब दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम जीत का अपना अभियान आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली की भिड़ंत शनिवार को विशाखापट्टनम लय से भटकी सनराइजर्स हैदराबाद से होगी, जिसे अभी तक अपने तीन में से दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है।
पंजाब के खिलाफ जीत से दिल्ली का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ होगा। खासकर यह देखते हुए कि आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी युवराज सिंह भी फॉर्म में लौट आए हैं। पंजाब के खिलाफ युवी ने युवा मयंक अग्रवाल के साथ मिलकर आकर्षक साझेदारी की। दिल्ली का मजबूत पक्ष उसका शीर्ष क्रम है, और हैदराबाद के बारे में भी यही बात कही जा सकती है। ऐसे में जो टीम हालात से तालमेल बैठाने में सफल रहेगी, मैच का परिणाम उसी के पक्ष में जाएगा।
यहां खेले गए अपने पिछले मुकाबले में हैदराबाद को राजस्थान रॉयल्स के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। यह देखना दिलचस्प रहेगा कि यह मैच भी उसी धीमी पिच पर खेला जाएगा, जिसका इस्तेमाल पिछले मैच में किया गया था और जिस पर रन बनाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा था।
पंजाब की सेना भिड़ेगी गंभीर के रणबांकुरों से
इस सत्र की मिली जुली शुरुआत करने के बाद मौजूदा चैंपियन कोलकाता नाइटराइडर्स शनिवार को होने वाले मुकाबले में पिछले साल की उपविजेता टीम किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ मैदान पर जीत के इरादे से उतरेगी। अंक तालिका में गौतम गंभीर की अगुआई वाली टीम कोलकाता एक जीत और एक हार के साथ तीसरे नंबर पर मौजूद है।
शुरुआती दो मैचों में टीम की बल्लेबाजी बेहद मजबूत दिखाई दी। कप्तान गंभीर दोनों मैचों में अर्द्धशतक लगाकर लय में होने का संकेत दे चुके हैं, जबकि सूर्य कुमार यादव, मनीष पांडेय, रोबिन उथप्पा और आंद्रे रसेल ने भी जरूरत पड़ने पर टीम के स्कोर में अहम योगदान दिया है। हालांकि टीम को गेंदबाजी के मोर्चे पर कुछ संघर्ष करना पड़ा है।
दूसरी ओर पंजाब की टीम भी इस सत्र में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से कोसों दूर रही है। टीम ने तीन मैच खेले हैं और उसे एक में ही जीत मिल पाई है। मुरली विजय, वीरेंद्र सहवाग, डेविड मिलर, रिद्धिमान साहा, ग्लेन मैक्सवेल और कप्तान जॉर्ज बैली के रूप में बल्लेबाजी बेहद मजबूत है, लेकिन अभी तक यह खिलाड़ी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में नाकामयाब ही रहे हैं।