टीम इंडिया के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने बताया है कि दिल्ली की टीम मेगा ऑक्शन से पहले उन्हें और श्रेयस अय्यर को रीटेन नहीं करेगी। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर यह जानकारी दी है। ऐसा होने पर ये दोनों खिलाड़ी आईपीएल की नीलामी का हिस्सा होंगे और इस दोनों पर ही अच्छी खासी बोली लग सकती है। खासकर अहमदाबाद और लखनऊ की टीमें अय्यर को खरीदकर उन्हें कप्तान बनाना चाहेंगे। अय्यर पिछले सीजन में दिल्ली के कप्तान थे और उन्होंने अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाया था।
दिल्ली का कप्तान बनने से पहले भी अय्यर ने बल्ले के साथ शानदार प्रदर्शन किया था। पिछले कई सालों से पंत और अय्यर दिल्ली के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल थे। इसके बावजूद अय्यर को रीटेन न करने का फैसला चौकाने वाला है। वहीं अश्विन का प्रदर्शन भी शानदार रहा है। इसके बावजूद उन्हें भी रीटेन नहीं किया जा रहा। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर बताया कि अगर मुझे रीटेन किया जा रहा होता तो अब तक फ्रेंचाइजी की तरफ से इस बारे में जानकारी मिल चुकी होती। मुझे नहीं लगता कि श्रेयस को भी यह फ्रेंचाइजी रीटेन कर रही है।
क्या है रीटेंशन पॉलिसी
बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को रीटेन करने के लिए जो नियम जारी किए हैं। उनके अनुसार हर फ्रेंचाइजी अधिकतम चार खिलाड़ियों को रीटेन कर सकती है। इसमें भारत के अधिकतम तीन खिलाड़ी और विदेशी खिलाड़ियों की संख्या दो हो सकती है। चार खिलाड़ियों को रीटेन करने पर फ्रेंचाइजी के पर्स से 42 करोड़ रुपये काटे जाएंगे। वहीं पर्स की लिमिट बढ़ाकर 90 करोड़ कर दी गई है।
दिल्ली की टीम कप्तान ऋषभ पंत के अलावा तेज गेंदबाज रबादा और नॉर्टजे को रीटेन कर सकती है। इसके साथ ही पृथ्वी शॉ या शिखर धवन को रीटेन किया जा सकता है। अश्विन और श्रेयस दोनों दिल्ली के अहम खिलाड़ी थे। खासकर श्रेयस को रीटेन न करने का फैसला वाकई चौकाने वाला है।
दिल्ली के लिए अश्विन का प्रदर्शन
| साल |
मैच |
विकेट |
इकोनॉमी |
| 2020 |
15 |
13 |
7.61 |
| 2021 |
13 |
7 |
7.46 |