बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (निदेशक मंडल) की बैठक में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के संयुक्त सचिव देवजीत लोन सैकिया ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। शाह ने निदेशक मंडल से मुलाकात की जिसमें बांग्लादेश के फारुक अहमद, न्यूजीलैंड के रोजर ट्वोस, आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्योफ अलार्डिस, डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा, जिम्बाब्वे के तवेंग्वा मुकुहलानी, यूएई के मुबाशिर उस्मानी, श्रीलंका के शम्मी सिल्वा, दक्षिण अफ्रीका के डॉ. मोहम्मद अब्दुल समद मूसाजी और मलेशिया के महिंदा वल्लीपुरम शामिल थे। ये सभी दुबई में मौजूद थे।
यह मुलाकात सत्र असल में सभी समान विचारधारा वाले क्रिकेट बोर्ड के लिए नए आईसीसी चेयरमैन को हाइब्रिड मॉडल के लिए अपना समर्थन देने का एक मंच था। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और क्रिकेट वेस्टइंडीज के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं थे जबकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से कोई भी नहीं आया।
यह समझा जा रहा है कि आईसीसी बोर्ड के सदस्य भारी संख्या में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी)की फ्यूजन मॉडल की मांग को अस्वीकार करने जा रहे हैं और साथ ही पाकिस्तान को इस बात का कोई आश्वासन भी नहीं दिया जाएगा कि भारत में भविष्य में आईसीसी के टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल के तहत आयोजित किए जाएंगे।
अपने पहले दौरे पर शाह ने कहा, मैंने जो देखा उससे मैं उत्साहित हूं, लेकिन मैं मानता हूं कि यह तो बस शुरुआत है। क्रिकेट को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कड़ी मेहनत अब शुरू हो गई है और मुझे पूरा विश्वास है कि हम सब मिलकर इस लक्ष्य को हासिल करेंगे।
आईसीसी बोर्ड के निदेशकों और कर्मचारियों के साथ बैठक के बाद बोलते हुए शाह ने क्रिकेट के भविष्य को आकार देने में सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, इस यात्रा ने आईसीसी बोर्ड में मेरे सहयोगियों से जुड़ने का एक बहुमूल्य अवसर प्रदान किया जहां हमने इस अविश्वसनीय खेल के भविष्य को आकार देने के लिए शुरुआती खाके और रणनीतियों पर चर्चा की। क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए पर्दे के पीछे अथक परिश्रम करने वाली समर्पित आईसीसी टीम से मिलकर मुझे भी उतनी ही खुशी हुई।